गुरु अभी मिथुन राशि में हैं और इस साल जून तक मिथुन राशि में रहेंगे। जून में गुरु कर्क राशि में जाएगें। गुरु की अतिचारी चाल के कारण गुरु जल्दी राशि बदल रहे हैं। अभी गुरु की चाल के बारे में बात करें तो गुरु वक्री हैं और होली के बाद 11 मार्च को गुरु मार्गी हो जाएंगे। गुरु के मार्गी होने से कई राशियों के लिए लाभ के रास्ते खुलेंगे। इन राशियों को भाग्य का साथ मिलेगा और संतान से लेकर विवाह और धन की स्थिति भी पहले से बेहतर होगी। अभी की बात करें तो गुरु ने दिसंबर 2025 में राशि परिवर्तन किया था और अब जून में गुरु मिथुन से कर्क राशि में जाएंगे। मार्च में सिर्फ गुरु की चाल में परिवर्तन होगा। यहां हम बता रहे हैं कि गुरु के चाल के परिवर्तन से किन राशियों को लाभ होगा। खास तौर पर तीन राशियों पर इसका खास असर होगा, आइए जानें कौन सी है वो राशियां उन पर क्या असर होगा।
धनु राशि वालों पर क्या असर
धनु राशि वालों को गुरु की मार्गी चाल से लाभ होगा। आपके लिए 11 मार्च के बाद स्थितियों में बदलाव होगा। आपके लिए गु़ड न्यूज मिलेंगे। आपको बिजनेस में भी लाभ के योग होंगे, लेकिन धन को लेकर आपको केयरफुल रहना बहुत जरूरी है। विवाह के लिए आपके रास्ते खुलेगें। धनु राशि वालों के लिए अच्छा समय रहेगा। गुरु इस राशि के स्वामी है।
तुला राशि वालों के लिए वक्री गुरु के लिए क्या असर
तुला राशि के लिए गुरु का गोचर लाभ वाला रहेगा। आपके लिए अटके काम बनने के योग हैं और आपको खास तौर पर निवेश से लाभ होगा, पहले का निवेश भी आपको लाभ दे सकते हैं। निवेश संपत्ति और शेयर दोनों में लेकिन आपको रिसर्च को लेकर खास ध्यान रखें।
मीन राशि वालों के लिए वक्री गुरु के लिए क्या असर
मीन राशि का स्वामी गुरु है। मीन राशि वालों के लिए गुरु का मार्गी होना बहुत अच्छा रहेगा। आपके लिए धन और समृद्धि का योग बन रहा है। नया काम की प्लानिंग कर सकते हैं,लेकिन लागू करने को लेकर अभी फैसला ना लें। मीन राशि के लिए अनुकूल योग हैं।
गुरु आपकी लाइफ पर कैसे असर डालते हैं?
गुरु को बुद्धि, वृद्धि और भाग्य का कारक माना जाता है। यह धन, आध्यात्म, वैल्यूज को भी दर्शाते हैं। गुरु हर किसी राशि के लिए खास है, इसलिए इसे गुरु का दर्जा मिला है। अगर किसी की राशि में गुरु अच्छा है, तो वो व्यक्ति आध्यात्म में झुकेगा, उसमें बुद्धि होगी, धन मिलेगा और संतान और विवाह के मामले में भी अच्छा होगा। गुरु आपकी लाइफ में लर्निंग और बुद्धि को बढ़ावा देते हैं। गुरु को एक राशि में आने पर 12 साल में एक बार आते हैं। गुरु की अतिचारी चाल में गुरु कुछ समय के लिए किसी राशि में तेजी से जाते हैं और जल्दी-जल्दी राशि बदलते, वापस उसी राशि में भी जाते हैं।





