छत्तीसगढ़

सेवा संकल्प अभियान: स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा विविध स्वच्छता एवं जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन*

सेवा संकल्प अभियान: स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा विविध स्वच्छता एवं जनजागरूकता गतिविधियों का आयोजन*
अक्टूबर 2026// सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत “स्वच्छता ही सेवा अभियान  कृषि विज्ञान केंद्र, केरलापाल, नारायणपुर द्वारा स्वच्छता, स्वच्छ पर्यावरण एवं जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।  अभियान के अंतर्गतग्राम करलाखामें किसानों के घर पहुंचकर गौशाला एवं उसके आसपास के परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने के लिए जागरूक किया गया। पशु आवास की नियमित साफ-सफाई, गोबर एवं जैविक अपशिष्ट के उचित प्रबंधन तथा स्वच्छ वातावरण के महत्व की जानकारी दी गई।ग्राम पालकीमें सड़क किनारे स्थित स्ट्रीट फूड विक्रेताओं से संपर्क कर दुकान एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने, खाद्य अपशिष्ट को खुले में न फेंकने तथा कचरे के उचित निपटान के संबंध में जागरूक किया गया।ग्राम केरलापालमें घरों से निकलने वाले जैविक कचरे के उचित प्रबंधन हेतुहोम कम्पोस्टिंगको बढ़ावा देने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया गया। घरेलू जैविक अपशिष्ट से कम्पोस्ट तैयार कर उसका उपयोग किचन गार्डन एवं कृषि कार्यों में करने की जानकारी दी गई।ग्राम टिमनार नौमूजमेटाएवंबड़ेजम्हरी के विद्यालयों में स्कूली बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता, हाथों की नियमित सफाई, स्वच्छ पेयजल, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई तथा कचरे को निर्धारित स्थान पर डालने के संबंध में जागरूक किया गया। बच्चों को स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।ग्राम कोचवाहीमें महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों को अभियान में सहभागी बनाते हुए स्वच्छता का संकल्प दिलाया गया। महिलाओं को घर एवं गांव में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने तथा गीले एवं सूखे कचरे के उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित किया गया।
          इसी अवसर पर “एक पेड़ मां के नाम”अभियान के अंतर्गत पौधरोपण कर पौधों के संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।अभियान के दौरान “एक दिन–एक घंटा–एक साथ श्रमदान”गतिविधि के अंतर्गत सामूहिक रूप से श्रमदान कर सार्वजनिक स्थानों एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की गई। इसके माध्यम से ग्रामीणों एवं समुदाय को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता के लिए प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को Reuse एवं Recycle की अवधारणा से अवगत कराया गया। उपयोगी वस्तुओं का पुनः उपयोग करने तथा कचरे को अलग-अलग कर पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को उचित तरीके से संग्रहित करने के लिए प्रेरित किया गया। इससे कचरे की मात्रा कम करने और संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया गया।स्वच्छता के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए Hand Raise गतिविधिके माध्यम से प्रतिभागियों ने स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही Human Chain बनाकर स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने एवं सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।इन गतिविधियों के माध्यम से किसानों, महिलाओं, स्कूली बच्चों, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं एवं ग्रामीण समुदाय को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया गया।
          कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा ग्रामीणों को संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि स्वस्थ परिवार, स्वच्छ गांव और सुरक्षित पर्यावरण के लिए आवश्यक जीवनशैली है।अभियान में जनभागीदारी के माध्यम से “स्वच्छ घर–स्वच्छ गौशाला–स्वच्छ गांव–स्वच्छ पर्यावरण”की अवधारणा को बढ़ावा दिया जा रहा है।कृषि विज्ञान केंद्र, केरलापाल, नारायणपुर द्वारा स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता एवं सहभागिता गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण समुदाय को स्वच्छता को अपनी दैनिक आदत एवं सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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