सेवा की कहानी*
*अबूझमाड़ के दूरस्थ अंचलों तक पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं, PM-JANMAN मोबाइल मेडिकल यूनिट बनी जनजातीय परिवारों का सहारा*
*नारायणपुर एवं ओरछा विकासखंड में 315 स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 7,093 ग्रामीणों को मिला नि:शुल्क उपचार एवं जांच का लाभ*
*लाभान्वितों में 6,944 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के हितग्राही शामिल*
अक्टूबर 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप तथा कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार जिले के दूरस्थ एवं दुर्गम वनांचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट (PM-JANMAN MMU) अबूझमाड़ के सुदूर गांवों में रहने वाले जनजातीय परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। इस पहल के माध्यम से उन ग्रामीणों तक भी नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं चिकित्सकीय परामर्श पहुंच रहा है, जिनके लिए भौगोलिक कठिनाइयों के कारण अस्पताल तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहा है। कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 01 जनवरी 2026 से 07 सितंबर 2026 तक नारायणपुर एवं ओरछा विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान संचालित किया गया। इस अवधि में कुल 315 स्वास्थ्य गतिविधियों एवं शिविरों के माध्यम से 7,093 ग्रामीणों को लाभान्वित किया गया। इनमें 6,944 हितग्राही विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) से संबंधित हैं। यह उपलब्धि जिले के दूरस्थ अंचलों में निवासरत जनजातीय समुदायों तक बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
*निःशुल्क जांच एवं उपचार से मिल रहा लाभ*
मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न बीमारियों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अभियान के दौरान कुल 5,440 डायग्नोस्टिक टेस्ट किए गए। वहीं मलेरिया एवं डेंगू की पहचान के लिए 1,685 हितग्राहियों की रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) जांच की गई। उच्च रक्तचाप की जांच 3,744 तथा डायबिटीज की जांच 1,683 ग्रामीणों की गई। इसी प्रकार सिकल सेल रोग की पहचान के लिए 1,136 जांच तथा एनीमिया की पहचान के लिए 1,457 ग्रामीणों की स्क्रीनिंग की गई। पोषण एवं स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 1,179 हितग्राहियों को आयरन-फोलिक एसिड (IFA) सप्लीमेंटेशन उपलब्ध कराया गया। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत 244 गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच एवं देखभाल (ANC) तथा 101 माताओं को प्रसवोत्तर देखभाल (PNC) की सुविधा प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त टीबी के 120, कुष्ठ रोग के 15 तथा दंत स्वास्थ्य संबंधी 15 मामलों में सेवाएं प्रदान की गईं। नेत्र स्वास्थ्य के अंतर्गत 202 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। गंभीर स्थिति वाले 39 मरीजों को बेहतर उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया।
*दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच*
अबूझमाड़ का भौगोलिक क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और दुर्गम मार्गों से घिरा हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों के लिए समय पर स्वास्थ्य जांच एवं उपचार प्राप्त करना कई बार कठिन हो जाता है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से चिकित्सकीय दल सीधे ग्रामीणों तक पहुंचकर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इससे बीमारियों की प्रारंभिक पहचान, समय पर उपचार तथा जरूरतमंद मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में सहायता मिल रही है। कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि कोई भी जरूरतमंद परिवार केवल दूरी अथवा संसाधनों के अभाव में उपचार से वंचित न रहे। प्रधानमंत्री जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से जिले में संचालित यह पहल जनजातीय समुदायों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने और उनके स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों को भी समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।





