*कबीरधाम जिले की 144 ग्राम पंचायत टीबी मुक्त घोषित, पंचायत प्रतिनिधियों एवं मितानिनों का हुआ सम्मान*
*टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मुक्त ग्राम पंचायत सम्मान समारोह आयोजित*
*जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने पंचायत प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर किया सम्मानित*
*टीबी उन्मूलन के लिए ‘श्रेय जोश टीम’ का शुभारंभ, वर्ष 2026 में अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य*
कवर्धा, अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्थानीय वीर सावरकर भवन, कवर्धा में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के सरपंच, पंचायत प्रतिनिधियों एवं मितानिनों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर टीबी उन्मूलन के प्रयासों को जमीनी स्तर से जिला स्तर तक सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘श्रेय जोश टीम’ का भी शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रोत्साहित करना तथा जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने की। इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चन्द्रवंशी, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्री चन्द्रप्रकाश चन्द्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य एवं जिला स्वास्थ्य समिति की अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा साहू सहित जिले के पंचायत प्रतिनिधि, नगरीय निकायों के अध्यक्ष एवं पार्षद, जनपद पंचायतों के अध्यक्ष एवं सदस्यगण की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में जिले की सभी 144 ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सरपंच प्रतिनिधि, मितानिन समन्वयक तथा मितानिनों ने सहभागिता की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे के निर्देशन में जिला क्षय अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला नोडल एनसीडी तथा जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। साथ ही माय भारत के पंजीकृत स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं को टीबी से संबंधित जानकारी देकर उन्मुखीकरण किया गया।
वर्ष 2025 में 144 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डी.के. तुरे ने बताया कि जिले में वर्ष 2025 में कुल 470 ग्राम पंचायतों में से 144 ग्राम पंचायतों को निर्धारित छह सूचकांकों के आधार पर टीबी मुक्त घोषित किया गया है। इनमें प्रति एक हजार जनसंख्या पर कम से कम 30 लोगों की टीबी जांच, प्रति एक हजार जनसंख्या पर एक या शून्य टीबी प्रकरण, दवा संवेदनशीलता की जांच, निक्षय पोषण योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत भुगतान, उपचार की सफलता दर न्यूनतम 85 प्रतिशत तथा प्रत्येक टीबी मरीज के लिए पोषण आहार उपलब्ध कराने वाले निक्षय मित्र की व्यवस्था जैसे मानक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से 2025 के दौरान कुल 13 ग्राम पंचायतों को स्वर्ण पदक के लिए नामांकित कर प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। वर्ष 2026 में भी अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले की शेष ग्राम पंचायतों में टीबी उन्मूलन के प्रयासों को प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर के निर्देशानुसार सभी चार विकासखंडों में क्लास-1 अधिकारियों को टीबी नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी समय-समय पर विकासखंडों में संचालित गतिविधियों की निगरानी करेंगे तथा टीबी उन्मूलन के प्रयासों को गति देंगे।
समय पर जांच, उपचार और जनभागीदारी से बनेगा टीबी मुक्त जिला
डॉ. तुरे ने कहा कि टीबी की समय पर पहचान, नियमित जांच एवं उपचार, निक्षय पोषण योजना का प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागरूकता और समुदाय की सक्रिय सहभागिता से कबीरधाम जिले को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों तथा जनसामान्य से टीबी उन्मूलन के प्रयासों में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान टीबी मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों के सरपंचों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित ग्रामों की मितानिनों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू ने संबंधित ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। साथ ही उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं प्रतिभागियों को टीबी के लक्षणों की पहचान, समय पर जांच एवं उपचार, निक्षय पोषण योजना तथा टीबी उन्मूलन में समुदाय की भूमिका के संबंध में जानकारी देकर जागरूक किया गया। कार्यक्रम में टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रयासों को प्रोत्साहित करते हुए वर्ष 2026 में इस अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने तथा जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्य विभाग और समुदाय के समन्वित प्रयासों से कबीरधाम जिले को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया।





