*जलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में श्रमदान कर स्वच्छता का दिया संदेश*
*सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता ही सेवा के तहत ग्रामीणों ने लिया स्वच्छता का संकल्प*
कवर्धा, सितंबर 2026। स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्राम के निर्माण में जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल के मार्गदर्शन में बुधवार को ग्राम पंचायत डोंगरियाकला, जनपद पंचायत पंडरिया स्थित जलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सेवा संकल्प अभियान एवं स्वच्छता ही सेवा 2026 के तहत श्रमदान किया गया। इस दौरान ग्रामीणों, महिलाओं एवं स्वच्छता दीदियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए मंदिर परिसर की साफ-सफाई की और स्वच्छता का संदेश दिया।
स्वच्छता अभियान में गांव की महिलाओं एवं स्वच्छता दीदियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर मंदिर परिसर की साफ-सफाई की और सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। अभियान के अंत में उपस्थित सभी लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। ग्रामीणों ने अपने घरों में चार डिब्बों का उपयोग करने तथा गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस अवसर पर जिला समन्वयक एसबीएम श्री संजय सोनी, सलाहकार श्रीमती स्वाती शुक्ला, ब्लॉक समन्वयक श्री पंचू टंडन, संकुल समन्वयक श्री पवन तिवारी, सरपंच श्री बैजनाथ चंद्रवंशी, सचिव, पंच सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
चार डिब्बों में कचरा पृथक्करण की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को कचरे के पृथक्करण एवं उसके उचित प्रबंधन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों को बताया गया कि घर से ही कचरे को अलग-अलग रखना स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए चार प्रकार के डस्टबिन के उपयोग की जानकारी दी गई। हरा डिब्बा-गीला कचरा जैसे सब्जियों के छिलके, बचा हुआ भोजन एवं गोबर। नीला डिब्बा-सूखा कचरा जैसे कागज, प्लास्टिक, कांच एवं लोहा। लाल डिब्बा-हानिकारक कचरा जैसे ब्लेड, सुई, दवाइयों के पत्ते एवं सैनिटरी वेस्ट। काला डिब्बा-ई-कचरा एवं अन्य कचरा जैसे टूटी बैटरी, मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक सामान। मौके पर चारों प्रकार के डिब्बों का प्रदर्शन कर ग्रामीणों को कचरा पृथक्करण की व्यवहारिक जानकारी भी दी गई।
घर से शुरू होगी स्वच्छता की पहल
कार्यक्रम में बीसीसी अमित दुबे ने कहा कि अगर हम घर पर ही चार डिब्बों में कचरा अलग-अलग रखेंगे तो गांव में कचरा प्रबंधन बहुत आसान हो जाएगा। यही स्वच्छता का असली मंत्र है। उन्होंने ग्रामीणों से कचरे को इधर-उधर न फेंकने और घर से ही कचरे का पृथक्करण करने की अपील की।





