दरभंगाः दरभंगा की हर दूसरी रसोई में एक बड़ी आम समस्या देखने को मिलती है कि बाजार से लाई गई ताजी हरी मिर्च दो-तीन दिन भी नहीं टिकती. अक्सर मिर्च के डंठल गलने लगते हैं, वे नरम पड़ जाते हैं और अंत में उन्हें फेंकना पड़ता है. यह न केवल स्वाद का नुकसान है, बल्कि रसोई के बजट पर भी अतिरिक्त बोझ डालता है. घरेलू समझ कहती है कि अगर हम नमी और हवा का सही तालमेल बिठा लें, तो इस गलन की प्रक्रिया को काफी धीमा किया जा सकता है.मिर्च को लंबे समय तक ताजा रखने का तरीका बेहद सरल और व्यावहारिक है. सबसे पहले मिर्च को साफ पानी से धोकर उसकी धूल-मिट्टी हटा लें. इसके बाद सबसे जरूरी काम है उनके डंठल तोड़ना, क्योंकि सड़न की शुरुआत वहीं से होती है. धोने के बाद मिर्च को किसी सूती कपड़े या छांव में अच्छी तरह सुखा लें. जब मिर्च की सतह का पानी पूरी तरह सूख जाए, तभी उन्हें अगले चरण के लिए तैयार समझना चाहिए.दो-तीन दिन पर डिब्बा खोलकर चेक करें
अब एक एयरटाइट डिब्बा लें और उसकी तली में अखबार का कागज या टिशू पेपर बिछा दें. यह कागज डिब्बे के भीतर बनने वाली अतिरिक्त नमी को सोखने का काम करेगा. सूखी हुई मिर्च को डिब्बे में फैलाकर रखें और ऊपर से एक और कागज की परत लगाकर ढक्कन बंद कर दें. इसे फ्रिज के सामान्य खाने में रखें. हर दो-तीन दिन पर डिब्बा खोलकर चेक करें; अगर कागज गीला लगे तो उसे बदल दें और कोई मिर्च नरम या काली पड़ रही हो, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दें.इस छोटी सी सावधानी से आपकी हरी मिर्च 15 से 20 दिनों तक बिल्कुल ताजी, कड़क और तीखी बनी रहेगी। ध्यान रहे कि मिर्च को कभी भी फ्रीजर में न रखें और न ही डिब्बे में ठूंस-ठूंस कर भरें, क्योंकि हवा का संचार रुकने से वे जल्दी खराब हो सकती हैं. यह कोई बड़ा वैज्ञानिक आविष्कार नहीं, बल्कि घर में मौजूद चीजों का सही इस्तेमाल है. जिससे फिजूलखर्ची रुकती है और आपकी दाल-सब्जी का जायका भी हमेशा बरकरार रहता है.
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