देश दुनिया

बैगा परिवार पहाड़ चढ़कर लाते हैं पानी, वनांचल गांव में कलेक्टर ने लगाई चौपाल, जल संकट दूर करने के निर्देश

कबीरधाम :गर्मी शुरू होते ही कबीरधाम के कई हिस्सों में पेयजल की समस्या सामने आने लगी है. कबीरधाम जिले के बैगा बहुल वनांचल क्षेत्रों में गर्मी की शुरुआत के साथ ही जल संकट गहरा गया है. दूरस्थ गांवों में हालात इतने गंभीर हैं कि ग्रामीणों को अपनी प्यास बुझाने के लिए कई किलोमीटर पैदल सफर करना पड़ रहा है. ग्रामीण पहाड़ पार करके जंगल के बीच जल के प्राकृतिक स्त्रोतों से पानी इकट्ठा कर रहे हैं.

दूर से पानी लाना दैनिक कार्य

वनांचल ग्राम भुरसीपकरी ऐसा ही एक गांव है,जहां पर पानी के लिए ग्रामीण जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं.ग्रामीणों की परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सुबह होते ही पानी का इंतजाम करना इनका सबसे पहला काम होता है. घर के बड़े बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे इस काम में लग जाते हैं. पानी लेने के लिए सभी इकट्ठा होकर जल के प्राकृतिक स्त्रोत की ओर निकल पड़ते हैं. रोजाना पानी लाने की इस मजबूरी ने ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है.

कलेक्टर ने चौपाल लगाकर सुनी समस्या

इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर गोपाल वर्मा ने बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम भुरसीपकरी का दौरा कर जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया. कलेक्टर ने दौरे के दौरान रात्रि चौपाल लगाकर बैगा आदिवासियों से संवाद किया. इस दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट को अपनी सबसे बड़ी समस्या बताते हुए झिरिया से पानी लाने की कठिनाइयों के बारे में बताया.बैगा बहुल भुरसीपकरी गांव में पानी की समस्या है.पहाड़ के ऊपर लोग रहते हैं,इसलिए वहां पर पानी का इंतजाम नहीं है. हमने गांव का दौरा किया है,वहां जाकर रात में करीब दो घंटे तक चौपाल लगाकर लोगों की समस्याओं को समझा है.पानी की समस्या दूर करने के लिए अफसरों को निर्देशित किया गया है.साथ ही भविष्य की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजा गया है.जल्द ही भुरसीपकरी समेत वनांचल क्षेत्रों के गांवों में पानी की समस्या दूर हो जाएगी- गोपाल वर्मा, कलेक्टर

कलेक्टर ने मौके पर दिए पानी की व्यवस्था करने के निर्देश

कलेक्टर ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने पीएचई विभाग को झिरिया में सेनेटरी वेल निर्माण, मोटर पंप स्थापना और पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर पानी पहुंचाने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए. साथ ही जल जीवन मिशन के तहत निर्मित पानी टंकी में शीघ्र जल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

26 वनांचल गांवों में भी पानी पहुंचाने के निर्देश

इसके अलावा जिले के 26 अन्य वनांचल गांवों को चिन्हित कर वहां भी स्थायी पेयजल व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया गया है. प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इन क्षेत्रों में पानी की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को राहत मिल सके.

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button