देश दुनिया

जूते पर टिका है उत्तर प्रदेश का 160 पुराना रेलवे पुल, यहां जानें रोचक कहानी और इतिहास

आपने रेलवे के अलग-अलग पुलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में एक पुल ऐसा भी है, जो कि जूते के पिलर पर टिका हुआ है। यह पुल 160 साल पुराना है, जिसका एक पिलर जूते के आकार में बनाया गया है। क्या है इसके पीछे की कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।

जूते पर टिका है उत्तर प्रदेश का 160 पुराना रेलवे पुल, यहां जानें रोचक कहानी और इतिहास

Kishan Kumar
Last Updated: May 11, 2026, 16:25 IST

आपने रेलवे के अलग-अलग पुलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में एक पुल ऐसा भी है, जो कि जूते के पिलर पर टिका हुआ है। यह पुल 160 साल पुराना है, जिसका एक पिलर जूते के आकार में बनाया गया है। क्या है इसके पीछे की कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

यमुना लोहा पुल

यमुना लोहा पुल

LATEST

Who is the Owner of Sony?

What Is Paneer Called in English?

What Is Ghee Called in English?

Japanese Proverb of the day: “The reputation of a thousand y

What is Jamun in English? Know Its Scientific Name and Inter

Word of the Day: Muse

Quote of the Day by Lord Byron: “Sorrow is knowledge…”

Which Place Is Known as the Honey Capital of the World?

Which Place Is Known as

Personality Test: Pick a Fruit to Find Out Your Natural Stre

Who is the Current President of USA?

What Is Dal Called in English?

Which is the Most Expensive Mango in the World?

Who is the Owner of Sony?

What Is Paneer Called in English?

What Is Ghee Called in English?

Japanese Proverb of the day: “The reputation of a thousand y

What is Jamun in English? Know Its Scientific Name and Inter

Word of the Day: Muse

Quote of the Day by Lord Byron: “Sorrow is knowledge…”

Which Place Is Known as the Honey Capital of the World?

Which Place Is Known as

Personality Test: Pick a Fruit to Find Out Your Natural Stre

Who is the Current President of USA?

What Is Dal Called in English?

Which is the Most Expensive Mango in the World?

भारत में रेलवे के सैकड़ों वर्ष पुराने पुल हैं, जो कि आज भी संचालित हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित प्रयागराज को नैनी से जोड़ने वाला यमुना रेलवे पुल जूते के आकार वाले पिलर पर टिका हुआ है।

यह पिलर पूरी तरह एक जूते के आकार में बना हुआ है, जिसके बनने की कहानी भी बहुत ही दिलचस्प है। पुल का निर्माण अंग्रेजों द्वारा किया गया था, लेकिन उस समय एक ऐसी घटना हुई, जिसके बाद अंत में अंग्रेजों ने इस एक पिलर को जूते के आकार में बना दिया और पुल बनकर तैयार हो सका।

1855 में तैयार हुई थी योजना 

प्रयागराज में बने यमुना लोहे ब्रिज के निर्माण की योजना 1855 में तैयार की गई थी। हालांकि, 1857 की क्रांति के बाद इस योजना को तत्कालीन गवर्नर रहे लॉर्ड कैनिंग द्वारा रोक दिया गया था। 

1859 में शुरू हुआ काम, लेकिन आई यह परेशानी

पुल का निर्माण कार्य 1859 में शुरू हुआ था। इस दौरान पुल के 17 पिलर बनाने का निर्णय लिया गया। हालांकि, निर्माण के दौरान ब्रिटिश इंजीनियरों के सामने  पिलर नंबर 13 को लेकर परेशानी खड़ी हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पिलर को बनाने के दौरान यह बार-बार नदी के तेज बहाव में बह जाता था। ऐसे में इंजीनियर्स परेशान हो गए थे।

जूते पर टिका है उत्तर प्रदेश का 160 पुराना रेलवे पुल, यहां जानें रोचक कहानी और इतिहास

Kishan Kumar
Last Updated: May 11, 2026, 16:25 IST

आपने रेलवे के अलग-अलग पुलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में एक पुल ऐसा भी है, जो कि जूते के पिलर पर टिका हुआ है। यह पुल 160 साल पुराना है, जिसका एक पिलर जूते के आकार में बनाया गया है। क्या है इसके पीछे की कहानी, जानने के लिए यह लेख पढ़ें। 

यमुना लोहा पुल

यमुना लोहा पुल

LATEST

Who is the Owner of Sony?

What Is Paneer Called in English?

What Is Ghee Called in English?

Japanese Proverb of the day: “The reputation of a thousand y

What is Jamun in English? Know Its Scientific Name and Inter

Word of the Day: Muse

Quote of the Day by Lord Byron: “Sorrow is knowledge…”

Which Place Is Known as the Honey Capital of the World?

Which Place Is Known as

Personality Test: Pick a Fruit to Find Out Your Natural Stre

Who is the Current President of USA?

What Is Dal Called in English?

Which is the Most Expensive Mango in the World?

Who is the Owner of Sony?

What Is Paneer Called in English?

What Is Ghee Called in English?

Japanese Proverb of the day: “The reputation of a thousand y

What is Jamun in English? Know Its Scientific Name and Inter

Word of the Day: Muse

Quote of the Day by Lord Byron: “Sorrow is knowledge…”

Which Place Is Known as the Honey Capital of the World?

Which Place Is Known as

Personality Test: Pick a Fruit to Find Out Your Natural Stre

Who is the Current President of USA?

What Is Dal Called in English?

Which is the Most Expensive Mango in the World?

भारत में रेलवे के सैकड़ों वर्ष पुराने पुल हैं, जो कि आज भी संचालित हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में स्थित प्रयागराज को नैनी से जोड़ने वाला यमुना रेलवे पुल जूते के आकार वाले पिलर पर टिका हुआ है।

यह पिलर पूरी तरह एक जूते के आकार में बना हुआ है, जिसके बनने की कहानी भी बहुत ही दिलचस्प है। पुल का निर्माण अंग्रेजों द्वारा किया गया था, लेकिन उस समय एक ऐसी घटना हुई, जिसके बाद अंत में अंग्रेजों ने इस एक पिलर को जूते के आकार में बना दिया और पुल बनकर तैयार हो सका।

1855 में तैयार हुई थी योजना 

प्रयागराज में बने यमुना लोहे ब्रिज के निर्माण की योजना 1855 में तैयार की गई थी। हालांकि, 1857 की क्रांति के बाद इस योजना को तत्कालीन गवर्नर रहे लॉर्ड कैनिंग द्वारा रोक दिया गया था। 

1859 में शुरू हुआ काम, लेकिन आई यह परेशानी

पुल का निर्माण कार्य 1859 में शुरू हुआ था। इस दौरान पुल के 17 पिलर बनाने का निर्णय लिया गया। हालांकि, निर्माण के दौरान ब्रिटिश इंजीनियरों के सामने  पिलर नंबर 13 को लेकर परेशानी खड़ी हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पिलर को बनाने के दौरान यह बार-बार नदी के तेज बहाव में बह जाता था। ऐसे में इंजीनियर्स परेशान हो गए थे।

Related Stories

Advertisement

1865 में बनकर तैयार हुआ लोहे का पुल 

ब्रिटिश इंजीनियरों ने बहुत सोच-विचार करने के बाद पिलर के डिजाइन में बदलाव करने का निर्णय लिया। कहा जाता है कि इंजीनियरों ने इसका डिजाइन जूते के आकार की तरह कर दिया, जिसके तहत इसका अगला हिस्सा काफी आगे बढ़ा दिया गया। इससे पानी का बहाव कट गया था। ऐसे में पुल 15 अगस्त, 1865 को बनकर तैयार हो गया था। पिलर नंबर 13 को ही बनने में करीब 20 माह का समय लगा था।

एक मत यह भी है 

पुल के पिलर नंबर 13 को लेकर एक मत यह भी है कि निर्माण के दौर पिलर के अलाइंमेंट काफी आगे तक हो गया था। ऐसे में ब्रिटिश इंजीनियरों ने इसे तोड़ने के बजाय इसे रूप देने का निर्णय लिया, जिसके बाद यह जूते के आकार में बन गया। आज इस पुल को 160 साल हो गए हैं। इस पुल के ऊपर ट्रेन, बीच में सड़क यातायात और नीचे नांवें चलती हैं।

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button