देश दुनिया

राजस्थान के छोटे से गांव का लड़का बना IFS अफसर, हासिल की 33वीं रैंक

आदित्य राणा के पिता धर्म सिंह राणा प्रधानाचार्य पद से रिटायर हुए हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई नदबई में हुई. बचपन से ही पढ़ाई में मेधावी रहे आदित्य ने स्कूलिंग के बाद आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली का रुख किया. जहां उन्होंने एकेडमिक एजुकेशन के साथ यूपीएससी की तैयारी भी की.

सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं

यूपीएससी आईएफएस में 33वीं रैंक पाने के बाद आदित्य ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. उन्होंने लगातार मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में तैयारी की. जिसने उन्हें कामयाबी दिलाई. आदित्य ने बताया कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान टाइम मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया और नियमित पढ़ाई को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया. उन्होंने युवाओं से लक्ष्य तय कर पूरी लगन और धैर्य से तैयारी करने की सलाह दी.

सोशल मीडिया से बनाएं दूरी

आदित्य राणा ने आगे कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को सोशल मीडिया समेत अन्य भटकाव वाली चीजों से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर फोकस करना चाहिए.

पूरे गांव में खुशी का माहौल

आदित्य राणा के वन सेवा अधिकारी बनने पर उनके गांव बरौलीरान में उत्साह और खुशी का माहौल है. ग्रामीणों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात बताया. कई सामाजिक संगठनों, शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने भी आदित्य को शुभकामनाएं दी हैं.

बसवराज केमपावड़ ने किया टॉप

भारतीय वन सेवा परीक्षा 2025 में बसवराज केमपावड़ पहली रैंक हासिल की है. वहीं दूसरी रैंक अंशुमन कुमार सिंह और तीसरी सिद्धार्थ ने हासिल किया है. चौथे स्थान पर करण कुमार सिंह और पांचवें पर आंचल शर्मा हैं.

अप्रैल में हुआ था इंटरव्यू

बता दें कि भारतीय वन सेवा 2025 की मुख्य परीक्षा 16 नवंबर से 23 नवंबर 2025 के बीच हुई थी. इसके बाद इंटरव्यू 6 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच हुआ था. आयोग ने लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम मेरिट सूची तैयार की है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button