यमुना बाजार इलाके में यमुना के 32 घाटों में रहने वाले लोगों को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा नोटिस जारी कर घर खाली करने के लिए कहा है। यमुना किनारे रहने वाले करीब 310 आवासों वाले आवासीय समूह को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत बेदखली नोटिस भेजा गया है। यहां रहने वाले लोगों को पंद्रह दिनों के भीतर अपने आवास खाली करने का निर्देश दिया गया है अगर लोगों ने आवास खाली नहीं किए तो ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा। इस नोटिस का विरोध स्थानीय लोगों द्वारा किया जा रहा है।
डीडीएमए के मुख्य जिला मजिस्ट्रेट शशिपाल डबास की ओर से जारी किए गए नोटिस में कहा है कि ये लोग यमुना बाजार में यमुना के तट पर बनी दीवार के भीतर ‘ओ-जोन’ में डीडीए के स्वामित्व वाली बाढ़ के मैदान की भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर रह रहे हैं। हर साल यमुना में बाढ़ आने के दौरान यह इलाका जलमग्न हो जाता है, जिससे मानव जीवन, पशुधन और संपत्ति को नुकसान होता है व अन्य गंभीर खतरे बने रहते हैं।
इस तरह की बार-बार आने वाली बाढ़ के कारण राजस्व विभाग द्वारा अस्थायी स्थानांतरण व पुनर्वास सहित आपातकालीन प्रतिक्रिया उपायों की आवश्यकता होती है, जिससे सार्वजनिक संसाधनों व सरकारी खजाने पर दबाव पड़ता है। यह कार्रवाई उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू द्वारा पिछले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ यमुना बाजार क्षेत्र के दौरे और डीडीए अधिकारियों के साथ क्षेत्र में कायाकल्प कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करने के एक सप्ताह बाद हुई है।





