कवर्धा: नेचर प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भोरमदेव अभयारण्य में नई जंगल सफारी की शुरुआत करने जा रही है. यह सफारी 1 मई से पर्यटकों के लिए शुरू होगी. सफारी के दौरान पर्यटक यहां की खूबसूरत पहाड़ियां, नदियां, घने जंगल और कई वन्यजीवों का दीदार कर सकेंगे.
ट्रैक का सर्वे पूरा
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने सफारी रूट का ट्रैक सर्वे पूरा कर लिया है. लगभग 352 वर्ग किलोमीटर में फैले इस अभयारण्य में करीब 35 किलोमीटर लंबी सफारी कराई जाएगी. सफारी के लिए नए और आधुनिक वाहनों की व्यवस्था की गई है, जो ऊबड़-खाबड़ रास्तों, घाटियों और नदी-नालों को पार करने में सक्षम हैं.सफारी का आनंद लेने आने वाले पर्यटक धार्मिक और पर्यटन, दोनों का लाभ उठा सकेंगे. सफारी का प्रवेश द्वार करिया आमा गांव के पास बनाया गया है, जहां तक पहुंचने का रास्ता भोरमदेव मंदिर से होकर गुजरता है. ऐसे में पर्यटक पहले भगवान भोरमदेव के दर्शन कर सकते हैं और उसके बाद जंगल सफारी का आनंद ले सकते हैं.
हाईटेक एंट्री गेट और सुविधाएं
अभयारण्य में प्रवेश के लिए आकर्षक और हाईटेक गेट बनाया गया है. इंटर पॉइंट पर पर्यटकों के लिए फोटोग्राफी की सुविधा भी रहेगी. इसके अलावा खाने-पीने की व्यवस्था की गई है. गेट पर स्कैनर सिस्टम लगाया गया है, जहां टिकट स्कैन करने के बाद ही प्रवेश मिलेगा
इन जानवरों का हो सकता है दीदार
- हिरण
- सांभर
- नीलगाय
- लोमड़ी
- भालू
- जंगली कुत्ते
- मोर
- बायसन
- तेंदुआ
- बाघ
- आसपास के जंगलों से कभी-कभी हाथियों की आवाजाही भी देखने को मिल सकती है.





