भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ख़िलाफ़ कोई विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं है, लेकिन उन्होंने उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए एक मूल प्रस्ताव पेश करने के लिए नोटिस दिया है.
हालांकि मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक़ कल राहुल गांधी की ओर से दिए गए भाषण के कुछ शब्द और लाइनें संसद की कार्यवाही से हटाई जा सकती हैं क्योंकि कहा जा रहा है कि उन्होंने जो आरोप लगाए थे, उनकी पुष्टि नहीं हुई थी.
संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कल कहा था कि राहुल गांधी ‘निराधार आरोप’ लगा रहे हैं. रिजिजू ने कहा था कि राहुल गांधी के भाषण की ‘ग़लत बातों’ को कार्यवाही से हटा दिया जाएगा.’
दरअसल संसद में एक लंबे गतिरोध के बाद बुधवार को लोकसभा में बजट पर बोलते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका और भारत की ट्रेड डील पर मोदी सरकार पर कई आरोप लगाए
उन्होंने जेफ़री एपस्टीन फ़ाइल्स, अनिल अंबानी और अदानी से जुड़े मामलों का ज़िक्र किया था. उन्होंने अनिल अंबानी और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी पर भी आरोप लगाए थे.
संसद में एक लंबे गतिरोध के बाद बुधवार को लोकसभा में बजट पर बोलते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका और भारत की ट्रेड डील पर मोदी सरकार पर कई आरोप लगाए.
उन्होंने जेफ़री एपस्टीन फ़ाइल्स, अनिल अंबानी और अदानी से जुड़े मामलों का ज़िक्र किया था. उन्होंने अनिल अंबानी और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी पर भी आरोप लगाए थे.
कोई विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव नहीं है. मैंने एक मूल प्रस्ताव पेश करने के लिए नोटिस दिया है. इसमें मैंने कहा है कि राहुल गांधी कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन, यूएसएआईडी से जुड़े रहे हैं और थाईलैंड, कंबोडिया, वियतनाम तथा अमेरिका जैसे देशों की यात्राएं करते रहे हैं. उनका संबंध भारत-विरोधी ताकतों से रहा है. मैंने मांग की है कि उनकी सदस्यता रद्द की जाए और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित किया जाए.”
निशिकांत दुबे ने नोटिस में कहा है, ”यदि मैं, एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के रूप में ,भले ही मेरा प्रभाव क्षेत्र सीमित हो और मेरी पृष्ठभूमि साधारण हो, यह बात आपके संज्ञान में न लाऊं, तो मैं अपने देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने के अपने संवैधानिक दायित्व का निर्वहन नहीं कर पाऊंगा.”
कांग्रेस ने इससे पहले विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की ख़बरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी.
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने राहुल गांधी के ख़िलाफ़ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने की ख़बरों पर कहा था, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है. अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील से किसानों का बहुत नुकसान होने वाला है. इसी कारण आज लेबर यूनियन स्ट्राइक पर हैं और हम उनका सपोर्ट कर रहे हैं. मोदी सरकार चाहे राहुल जी के खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस लाएं या एफ़आईआर करें, उन्हें फर्क नहीं पड़ता.
इस बारे में संसद के अंदर पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ”मोदी जी के भी ख़िलाफ़ भी नोटिस होना चाहिए था.”
दरअसल राहुल गांधी ने बुधवार को बजट पर चर्चा के दौरान भारत-अमेरिका ट्रेड डील करते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के सामने पूरी तरह ‘आत्मसमर्पण’ कर दिया है.
इसी दौरान उन्होंने एपस्टीन फ़ाइलों का हवाला देकर उद्योगपति अनिल अंबानी और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी पर भी आरोप लगाए थे.
बाद में हरदीप पुरी ने एक प्रेस क़ॉन्फ़्रेंस कर इस मामले में अपना पक्ष रखा था.
इसके बाद निशिकांत दुबे समेत बीजेपी के कई नेताओं ने कहा था कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दूसरे नेताओं की छवि खराब कर रहे हैं.
निशकांत दुबे ने कहा कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं.
बुधवार को लोकसभा में राहुल गांधी जेफ़री एपस्टीन फ़ाइल्स, अनिल अंबानी और अदानी से जुड़े मामलों पर बोले थे.
उन्होंने अनिल अंबानी और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी पर भी आरोप लगाए थे.
राहुल गांधी की ओर से इन मुद्दों को उठाने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच तनाव देखने को मिला था,
हरदीप पुरी ने कहा कि एपस्टीन से उनकी मुलाकात केवल “कुछ मौकों पर, वह भी एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के तौर पर हुई थी और उनके साथ सिर्फ एक ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था.”
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ‘निराधार आरोप’ लगा रहे हैं. रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी के भाषण की ‘ग़लत बातों को कार्यवाही से हटा दिया जाएगा.’
राहुल गांधी के इस भाषण से पहले विपक्ष इस बात का विरोध कर रहा था कि उनके नेता को पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का उल्लेख करने के बाद बोलने नहीं दिया गया





