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सिर्फ दो महीने में बनना है मालामाल, तो फरवरी में करें इन सब्जियों की खेती.. यहां जानिए एक्सपर्ट की सलाह

कौशांबी: सर्दियों के मौसम मे विशेष रूप से सब्जियों की बुवाई करने का सही समय जनवरी और फरवरी का महीना होता है. फरवरी मे सह फसली सब्जियां उगाना किसानों के लिए अत्यधिक लाभदायक होता है, क्योंकि गर्मियों का महीना शुरू होते ही बाजारों में हरी सब्जियों के डिमांड अधिक रहती है. सह फसली खेती करने के लिए किसान मूली, पालक, गाजर, लौकी, धनिया, कद्दू, करेला, इन सब्जियों की खेती करना बहुत फायदेमंद होता है.

फरवरी का महीना सब्जियों की खेती के लिए बेस्ट

फरवरी के महीने में सब्जियों की खेती के लिए उपयुक्त समय माना जाता है, क्योंकि इस समय तापमान लगभग 20 से 25 डिग्री सेल्सियस रहता है. हल्की ठंडी होने के कारण पौधों की शुरुआती बढ़त के लिए सबसे उपयुक्त होता है. फरवरी में बोई गई सब्जियां मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक बाजार में आ जाती हैं. यही वह समय होता है. जब गर्मी बढ़ने लगती है तो हरी सब्जियों की मांग और बढ़ जाती है. इसके साथ शादी-ब्याह का सीजन शुरू होता है, जिससे सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ जाते हैं और किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है.

हरी सब्जियों के लिए फरवरी का मौसम अच्छा रहता है. फ़रवरी के मौसम न ज्यादा ठंडा होता है और न ज्यादा गर्म, इसलिए हरी सब्जियों की बुवाई करने के लिए अनुकूल समय माना जाता है. इस दौरान उगाई गई सब्जियां तेजी से बढ़ती हैं और बाजार में अच्छी कीमत मे बिक्री हो जाती है.

सह फसली सब्जियों की खेती के फायदे

सह फसली सब्जियों की खेती करने के लिए मात्र 40 से 45 दिनों मे तैयार हो जाती है. अगेती हरी सब्जियों की बुवाई करने के लिए किस को फायदे ही फायदे होते हैं क्योंकि यह कम समय में तैयार होकर किसानों के लिए अच्छा लाभ देती है. इन सब्जियों को खेती करने के लिए कम लागत भी लगता है. अगर धनिया, मूली, गाजर,पालक की खेती करने के लिए कम से कम 8 से 10 की लागत मे एक बीघे की ख़र्च आता है. अगर फसल अच्छे से तैयार हो गयी तो किसान हो लगभग 50 से 60 हजार मुनाफा प्राप्त हो जाता है

सिर्फ 40 दिन में मुनाफा

किसान भगवती प्रसाद मौर्य ने बताया कि सह फसली सब्जियों की खेती करने का अनुमान समय फरवरी का महीना होता है, क्योंकि इस समय सब्जी की बुवाई करने में मैक्सिमम 40 दिनों में तैयार हो जाती है और अच्छे समय पर बाजारों पर पहुंच जाती है जिससे किसानों को अच्छा लाभ भी हो जाता है, क्योंकि फरवरी मार्च अप्रैल मई इन महीना में शादी विवाह का लगन शुरू हो जाता है और हरी सब्जियों की मांग अच्छी रहती है.

कृषि अधिकारी ने बताया कि इस समय हरी सब्जियों में पलक हो गाजर मूली धनिया लौकी, कद्दू, करेला इत्यादि कोई भी हरी सब्जियों की खेती करना फरवरी के महीना सबसे अच्छा होता है, क्योंकि इस समय बुवाई करते समय हल्का ठंड का मौसम रहता है इसलिए पौधे की बढ़त अच्छी रहती है. सह फसली मे पालक, मूली, गाजर, धनिया, जैसे फसलों ली बुवाई करने के लिए एक बीघे मे 8 से 10 हजार का लागत खर्च होता है और अगर लौकी कद्दू, करेला, नेनुवा, जैसी सब्जियों की बुवाई करने के लिए 18 से 20 हजार का ख़र्च होता है और मुनाफे की बात करें तो लाखो तक हो जाता है.

पानी की सिंचाई है जरूरी

इन सब्जियों की बुवाई करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण पानी की सुविधा होनी चाहिए, क्योंकि फ़रवरी का महीना बीतने के बाद मौसम गर्म हो जाता है, तो जमीन की नमी जल्दी उड़ जाती है. ऐसे मे एक एक सप्ताह मे पानी की सिचाई करना अनिवार्य रहता है. और उसके साथ साथ फसलों की देख रेख करना बहुत जरूरी होता है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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