*जिले में भव्य एवं गरिमामय ढंग से आयोजित हो सेवा ज्योति यात्रा – कलेक्टर श्रीमती प्रजापति*
*समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*
कवर्धा, अक्टूबर 2026। कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 7 अक्टूबर को आयोजित होने वाली सेवा ज्योति यात्रा का कबीरधाम जिले में भव्य एवं गरिमामय ढंग से आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने आज जिला कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में सेवा ज्योति यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 7 अक्टूबर को सेवा ज्योति यात्रा प्रातः 10 बजे जिला मुख्यालय स्थित पीजी कॉलेज डोम से प्रारंभ होगी। यात्रा निर्धारित मार्ग से हनुमान वाटिका, सर्किट हाउस के सामने से महामाया मंदिर, भारत माता चैक, सिग्नल चैक, विंध्यवासिनी माता मंदिर एवं झंडा चैक होते हुए पुनः पीजी कॉलेज डोम पहुंचेगी।
कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने यात्रा के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने तथा आयोजन को सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संपन्न कराने के लिए विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने को कहा। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर श्री नरेंद्र पैकरा, श्री सागर सिंह राज सहित राजस्व अनुविभागीय अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी करेंगे वर्चुअल संबोधन
बैठक में बताया गया कि सेवा ज्योति यात्रा के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी देशवासियों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
उच्च न्यायालय के प्रकरणों की भी हुई समीक्षा
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने विभिन्न विभागों से संबंधित छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को उच्च न्यायालय से संबंधित प्रकरणों का निर्धारित समयावधि में निराकरण सुनिश्चित करने तथा प्रकरणों में समय पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्यों का संपादन सुनिश्चित करने तथा लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए।





