सेहत

आलू टिक्की खाना है… तो चटोरी गली में अनूप की दुकान पर पहुंचे, स्वाद ऐसा कि कहेंगे वाह; रोज 5 हजार की कमाई

शिवपुरी जिले की पिछोर तहसील की पहचान अब सिर्फ कस्बे तक सीमित नहीं रही है. यहां की एक गली है, जिसे लोग प्यार से चटोरी गली कहते है. बस स्टैंड से पुरानी तहसील की ओर बढ़ते ही जैसे ही कदम पड़ते है. आलू टिक्की, पानीपुरी और करेला की खुशबू खुद-ब-खुद लोगों को अपनी ओर खींच लेती है. यही वह जगह है जहां स्वाद और मेहनत मिलकर एक ऐसी सक्सेस स्टोरी गढ़ते है जो हर किसी को कम मेहनत में नहीं, बल्कि ईमानदार मेहनत में विश्वास करना सिखाती है.चटोरी गली में सबसे अलग पहचान है आगरा चाट भंडार की. यह कोई बड़ी दुकान नहीं, बल्कि हाथ का एक सादा सा ठेला है. इसी ठेले पर खड़े होकर अनूप ने बीते बीस सालों में ऐसा भरोसा और स्वाद कमाया है जो किसी बड़े होटल से कम नहीं. अनूप बताते है कि उन्होंने कभी दिखावे पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि स्वाद और साफ-सफाई को ही अपनी असली पूंजी माना. यही वजह है कि आज बड़े-बड़े लोग भी उनके ठेले पर रुककर बड़े चाव से चाट का स्वाद लेते हैयहां की लाजवाब है आलू टिक्की
अनूप की आलू टिक्की बाकी जगहों से अलग पहचान रखती है. वह साफ करते है कि उनकी टिक्की सिर्फ आलू और चुनिंदा मसालों व सामग्री से बनाई जाती है. टिक्की बनाने से पहले आलू को अच्छे से उबाला जाता है. फिर मसालों का संतुलन रखा जाता है और साफ बेहतरीन तेल में टिक्की को सुनहरा होने तक तला जाता है. इसके बाद टिक्की पर डाले जाते है छोले हरी चटनी, खट्टी-मीठी चटनी, ताज़ा दही, बारीक कटा प्याज और ऊपर से उम्दा नमकीन. हर कौर में सादगी और स्वाद का मेल साफ महसूस होता है.पानी पुरी बनाने का नया तरीका
यहां की पानीपुरी पूरी तरह सूजी से तैयार की जाती है, जो खाने में हल्की और कुरकुरी होती है. इसके साथ परोसा जाने वाला तीखा-खट्टा पानी और आलू का भरावन लोगों की जुबान पर अलग ही स्वाद छोड़ जाता है. आलू टिक्की के साथ-साथ पानीपुरी और करेला भी यहां आने वालों की खास पसंद बने हुए है.

अनूप की चाट का स्वाद
शाम ढलते ही चटोरी गली में रौनक बढ़ जाती है. बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा-हर वर्ग के लोग अनूप की चाट का स्वाद लेने पहुंचते है. कई लोग दूर-दराज से खास तौर पर यहां आते हैं. कुछ लोग वहीं बैठकर खाते है तो कई लोग टिक्की और पानीपुरी पैक कराकर घर ले जाते है. ताकि परिवार के साथ उसी स्वाद का आनंद लिया जा सके.

एक दिन की कमाई 5 हजार
अनूप कहते है बीस साल पहले जैसा स्वाद था आज भी वैसा ही है. मैंने कभी क्वालिटी से समझौता नहीं किया.  शायद यही वजह है कि उनका ठेला आज भी उतना ही लोकप्रिय है. मेहनत, ईमानदारी और लगातार एक-सा स्वाद बनाए रखने का नतीजा यह है कि अनूप की रोज की कमाई 5000 रुपये से ज्यादा हो जाती है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button