देश दुनिया

रूस पहुंचने लगे भारतीय वर्कर, सेंट पीटर्सबर्ग की सड़कों पर आए नजर, काम के लिए हर महीने मिलेंगे 1,00000 रूबल

मॉस्को: रूस-भारत के बीच कामगारों को लेकर किए गए पुराने समझौते और व्लादिमीर पुतिन के दिल्ली दौरे पर हुए फैसले जमीन पर उतरने लगे हैं। भारत से कामगार रूस पहुंचने लगे हैं और बड़े शहरों में नजर भी आ रहे हैं। मॉस्को पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट ने बताया है कि सेंट पीटर्सबर्ग में भारत से दर्जनों सफाई कर्मचारी आए हैं। इससे पहले सितंबर में मजदूरों बैच रूस आया था। ये लोग रूस के बड़े शहरों में काम करते दिख रहे हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन कर्मचारियों को करीब 100,000 रूबल (1,240 अमेरिकी डॉलर) तक का भुगतान किया जा रहा है। भारतीय रूपयों में यह 1,10,000 होता है।   की सरकार ने कहा है कि वह श्रम की कमी को पूरा करने के लिए असीमित संख्या में भारतीय मजदूरों को स्वीकार करने के लिए तैयार है।

पुतिन की यात्रा के बाद पहला बैच

रूसी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, भारत से हाल ही में 10,000 श्रमिकों का दल मॉस्को पहुंचा है। यह भारतीयों का पहला समूह है, जो   के बाद रूस पहुंचा है। पुतिन ने 4-5 दिसंबर को वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा की थी। इस दौरान रूस और भारत के बीच कई अहम समझौते हुए थे। इसमें भारत के मजदूरों के लिए रूस का दरवाजा खोलना शामिल है।रूस में जनसंख्या में गिरावट और यूक्रेन में चल रहे युद्ध के कारण लगातार काम करने वाले लोगों की कमी हो रही है। ऐसे में रूस ने विदेशी कामगारों को लाने पर जोर दिया है। इस बदलाव के तहत रूस ने भारत की ओर देखा है। भारतीय मजदूर अब तेजी से रूस के श्रम बाजार में नजर आ रहे हैं। हालांकि रूस पर विदेशी कामगारों को यूक्रेन युद्ध में धकेलने के आरोप लगते रहे हैं।

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button