वास्तुशास्त्र सिर्फ घर की दिशाएं बताने का तरीका नहीं है, बल्कि यह जीवन में शांति, सकारात्मकता, खुशहाली और स्थिरता लाने का एक सरल और पुराना तरीका माना जाता है. भारत में लोग कई वर्षों से वास्तु के नियमों को मानते आए हैं, क्योंकि यह प्रकृति से संतुलन बनाने में मददगार होता है. माना जाता है कि अगर घर में कुछ खास चीजें सही जगह पर रखी जाएं, तो उनका असर घर के हर सदस्य पर पड़ता है. इससे मन शांत रहता है, रिश्तों में मिठास आती है और घर की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है. वास्तु के अनुसार पांच चीजें घर में रखना बहुत शुभ माना जाता है. जानते हैं वो चीजें कौन सी हैं
तुलसी का पौधा
तुलसी को मां तुलसी का स्वरूप माना गया है. इसे घर के आंगन या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाने से वातावरण में शुद्धता और सकारात्मक ऊर्जा आती है. ऐसा कहा जाता है कि जहां तुलसी के पौधे की नियमित पूजा होती है, वहां परिवार में प्रेम, सद्भाव और मानसिक शांति बनी रहती है.
2. पानी से भरा कलश
कलश को समृद्धि, पवित्रता का प्रतीक माना जाता है. घर के उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में पानी से भरा कलश रखने से जल तत्व संतुलित होता है. इससे मानसिक स्पष्टता, कामयाबी और आर्थिक स्थिरता बढ़ती है. कई लोग कलश में चंदन, लौंग या फूल भी रखते हैं, जिससे ऊर्जा और ज्यादा पॉजिटिव होती है.शंख
शंख समुद्र का पवित्र उपहार है, और इसे लक्ष्मी का प्रतीक भी माना जाता है. पूजा स्थल में शंख रखना या बजाना बेहद शुभ माना जाता है. शंख की ध्वनि वातावरण को शुद्ध करती है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है. यह घर में शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक माहौल बनाता है.
स्वास्तिक का चिन्ह
स्वास्तिक शुभता, सफलता और मंगल का प्रतीक है. इसे घर के मुख्य द्वार या पूजा स्थल पर बनाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. स्वास्तिक नई शुरुआत और निरंतर प्रगति का संकेत भी देता है.
5. पीतल या तांबे की घंटी
धातुओं में पीतल और तांबे को सबसे ज्यादा ऊर्जावान माना गया है. घर के मंदिर में पीतल की घंटी लगाने और पूजा के समय बजाने बेहद शुभ होता है, ये सकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय करते हैं और नकारात्मकता को दूर करते हैं.




