रायपुर। राज्य के सरकारी महकमों में स्थायी नियुक्तियों की कमी ने व्यवस्था को आउटसोर्सिंग के जाल में फंसा दिया है। वर्तमान में करीब सात लाख अनियमित और आउटसोर्स कर्मचारी सरकारी बोझ उठा रहे हैं, जबकि नियमित कर्मियों की संख्या महज चार लाख है। सरकारी व्यवस्था का 60 प्रतिशत भार अनियमित कर्मियों पर है।
प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से भर्तियां
प्रदेश में लगभग इतने ही पद रिक्त हैं। एक ओर युवा स्थायी रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार प्लेसमेंट एजेंसियों के माध्यम से भर्तियां कर रही है। आंकड़ों के अनुसार 1,01,166 आउटसोर्स कर्मियों के सहारे प्रशासनिक पहिए चल रहे हैं।





