देश दुनिया

पॉलीहाउस नहीं है? टेंपरेचर की टेंशन छोड़िए! किसान खुशीराम के देसी जुगाड़ से फरवरी में इस तरह तैयार करें नर्सरी

बहराइच: पौधों की नर्सरी तैयार करने के लिए आपने अक्सर पॉलीहाउस का नाम सुना होगा. पॉलीहाउस का मुख्य काम पौधों के लिए जरूरी तापमान को बनाए रखना होता है ताकि वे स्वस्थ रहें और तेजी से बढ़ें. लेकिन, बहराइच जिले के एक माली ने साबित कर दिया है कि अगर दिमाग लगाया जाए, तो बिना किसी बड़े खर्च के भी यह काम मुमकिन है. जिले के उद्यान विभाग में कार्यरत खुशीराम यादव अपने इस खास जुगाड़ की वजह से इन दिनों चर्चा का केंद्र बने हुए हैं.

क्यों मुश्किल है फरवरी में नर्सरी तैयार करना
फरवरी के महीने में मौसम में काफी उतार-चढ़ाव होता है. रात की ठंड और दिन की बढ़ती धूप की वजह से बिना पॉलीहाउस के बीजों का अंकुरण होना बहुत कठिन होता है. किसान अक्सर नर्सरी डाल तो देते हैं, लेकिन सही तापमान न मिल पाने की वजह से बीज सड़ जाते हैं या पौधे कमजोर रह जाते हैं. खुशीराम ने इसी मुश्किल को आसान बनाने के लिए एक प्राकृतिक तरीका खोज निकाला है.

क्या है तापमान नियंत्रण करने की ये तकनीक
खुशीराम बताते हैं कि पौधों की नर्सरी में सारा खेल ‘टेंपरेचर’ मेंटेन करने का होता है. उन्होंने बीज बोने के बाद क्यारियों के ऊपर सबसे पहले ‘ग्रीन नेट’ बिछाई और फिर उसके ऊपर ‘पुआल’ की एक परत डाल दी. इस तकनीक में ग्रीन नेट जमीन की ठंडक को रोककर तापमान को स्थिर रखता है, जबकि ऊपर बिछाई गई पुआल सूरज की किरणों की गर्मी को सोखकर उसे धीरे-धीरे मिट्टी के अंदर भेजती है. यह गर्मी रात भर जमीन में बनी रहती है, जिससे बीजों को अंकुरित होने के लिए एकदम सही माहौल मिल जाता है.खुशीराम यादव ने बताया कि बहुत से किसान ऐसे हैं जो भारी कीमत के कारण पॉलीहाउस नहीं लगवा पाते. उनके लिए यह देसी तरीका किसी जैकपॉट से कम नहीं है. इस जुगाड़ से उन्होंने इस वक्त नींबू, शरीफा, यूकेलिप्टस और आंवला जैसे कई बीजों की नर्सरी डाल रखी है, जो बिना किसी महंगे ढांचे के बहुत ही स्वस्थ तरीके से उग रहे हैं.किसान भाई भी बन सकते हैं मालामाल
यह तकनीक न केवल सस्ती है, बल्कि इसे इस्तेमाल करना भी बेहद आसान है. खुशीराम की सलाह है कि किसान विपरीत मौसम में पौधों को बचाने के लिए इस तरीके को अपना सकते हैं. इससे पौधों के खराब होने का खतरा कम हो जाता है और समय पर अच्छी पौध तैयार होने से बाजार में उसे बेचकर किसान मोटा मुनाफा कमा सकते हैं. अगर आप भी नर्सरी के काम में नए हैं या लागत कम करना चाहते हैं, तो खुशीराम जी का यह ‘पुआल और नेट’ वाला फार्मूला आपके बहुत काम आ सकता है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button