जिब्राल्टर की वैनगार्ड गुफा में वैज्ञानिकों को एक गुप्त कमरा मिला है. यह कमरा पिछले 40,000 सालों से रेत के पीछे छिपा हुआ था इसलिए इसके अंदर सब कुछ वैसा ही सुरक्षित है जैसा पहले था. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस सीक्रेट कमरे में निएंडरथल रहते थे. पहले माना जाता था कि ये लोग बहुत पहले खत्म हो गए थे लेकिन इस खोज से पता चलता है कि वे शायद उम्मीद से ज्यादा समय तक जिंदा रहे. यह गुफा उनकी रहने की जगह थी. जब दुनिया मुश्किल हालातों से गुजर रही थी तब इन लोगों ने इस गुफा को अपना घर बनाया. गुफा के अंदर क्या-क्या मिला?
यह खोज केवल एक कमरे तक सीमित नहीं है बल्कि इससे पुराने इंसानों के रहन-सहन के कई बड़े राज खुले हैं. गुफा की खुदाई से पता चला है कि वे लोग बहुत दिमाग वाले थे और औजारों का इस्तेमाल करना जानते थे. गिफा के अंदर एक जंगली बिल्ली, लकड़बग्घे और गिद्धों जैसे जानवरों की हड्डियां मिली हैं. इतने सारे जानवरों की हड्डियां मिलना बहुत ही हैरान करने वाला है. वैज्ञानिकों को गुफा के अंदर एक समुद्री घोंघे का खोल मिला है. सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह गुफा समुद्र से काफी दूर थी. इससे पता चलता है कि ये लोग समुद्र के किनारे से खाना ढूंढकर उसे गुफा तक लाना जानते थे. यह साबित करता है कि वे आज के ही इंसानों की तरह योजना बनाकर करते थे. अभी तक वैज्ञानिकों का मानना था कि निएंडरथल इंसानों की प्रजाति लगभग 40,000 साल पहले ही खत्म हो गए थे और उनकी जगह हम जैसे आधुनिक इंसानों ने ले ली थी. लेकिन, गुफा में मिली चीजों से संकेत मिलता है कि ये लोग 40,000 साल के बाद भी यहां रह रहे थे. कुछ सबूत तो बताते हैं कि वे शायद 24,000 साल पहले तक भी जिंदा थे. इसका मतलब है कि वह हमारी सोच से बहुत ज्यादा समय तक धरती पर रहे.
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