*ए.पी.के. फाइल भेजकर साइबर ठगी करने वाला शातिर साइबर ठग गिरफ्तार।*
*आर.टी.ओ. चालान, पी.एम. आवास योजना एवं अन्य शासकीय योजनाओं के नाम पर भेजता था, फर्जी एपीके फाइल।*
*फर्जी एपीके इंस्टॉल कराकर बैंकिंग एवं युपीआई संबंधी जानकारी प्राप्त कर खातों से निकालता था, रकम।*
*तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर झांसी, उत्तरप्रदेश में किराये के मकान से आरोपी गिरफ्तार।*
*आरोपी के कब्जे से 02 मोबाईल, फर्जी सिम, बैंक पासबुक, चेकबुक एवं एटीएम कार्ड बरामद।*
*अन्य राज्यों में भी साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देने की जानकारी, अन्य आरोपियों की तलाश जारी।*
*गिरफ्तार आरोपी – सौरभ कुशवाहा पिता नरेन्द्र कुशवाहा उम्र 24 साल साकिन वार्ड नं. 01 खेड़ापति मंदिर के पास ग्राम करेरा थाना करेरा जिला शिवपुरी (म0प्र0)।*
*विगत दो माह में साइबर पुलिस थाना के टीम द्वारा 05 प्रकरणों में मुख्य साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया गया।*
जिला कबीरधाम में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर ठगी के मामलों में संलिप्त आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में साइबर पुलिस थाना द्वारा तकनीकी साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण कर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में आमजनों को फर्जी एपीके फाइल भेजकर उनके बैंक खातों एवं युपीआई से राशि निकालने वाले शातिर साइबर ठग को झांसी, उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई है।
विगत माह में साइबर पुलिस थाना में साइबर पीड़ित उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराये कि उनके बैंक खाता में जारी युपीआई से बिना इनके जानकारी के रकम अन्य युपीआई में ट्रांसफर कर ठगी की घटना को अंजाम दिया गया है। इसी क्रम में साइबर थाना में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 13/26 धारा 318(4) बीएनएस के मामले में ठगी की रकम 1.00 लाख रूपये एवं अपराध क्रमांक 16/26 धारा 318(4) बीएनएस के मामले में ठगी की रकम 96,501 रूपये को प्रार्थी के जानकारी के बिना ठगी किये गये हैं। उपरोक्त प्रकरण में पीड़ितो के मोबाईल को तस्दीकी करने पर आरटीओ चालान, पीएम आवास योजना एवं अन्य शासकीय योजनाओं के नाम से फर्जी एपीके फाइल प्राप्त हुई जो पीड़ित द्वारा जानकारी के अभाव में इंस्टाल किया जाना पाया गया तथा इन्ही फाईल के माध्यम से पीड़ित की बैकिंग एवं युपीआई से संबंधित जानकारी साइबर ठगो के पास पहूंच गई और इनके बैंक खाता में मौजूद रकम को प्राप्त कर ठगी की घटना को अंजाम दिया जाना पाया गया।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हेमसागर सिदार एवं श्री अमित पटेल के मार्गदर्शन तथा पर्यवेक्षण अधिकारी साइबर थाना उप पुलिस अधीक्षक श्री अखिलेश कुमार कौशिक, उप पुलिस अधीक्षक प्रशांत देवांगन के दिशा-निर्देशन में साइबर पुलिस टीम द्वारा तकनीकी एवं प्रभावी कार्यवाही कर बैंकिग डिटेल एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर निरीक्षक उमाशंकर राठौर साइबर पुलिस थाना प्रभारी के नेतृत्व में विशेष टीम झांसी उत्तरप्रदेश रवाना किया गया। टीम द्वारा लगातार पतासाजी एवं तकनीकी निगरानी के आधार पर संदेही सौरभ कुशवाहा को चिन्हांकित किया गया। पुलिस टीम द्वारा झांसी में संदेही की पतासाजी के दौरान एक किराये के मकान में पहुँची जहां आरोपी साइबर ठगी की गतिविधियों में संलिप्त पाये जाने से उसे हिरासत मे लेकर पुछताछ करने पर एपीके फाईल के माध्यम से ठगी की घटना को अंजाम दिया जाना स्वीकार किया तथा आरोपी सौरभ कुशवाहा पिता नरेन्द्र कुशवाहा उम्र 24 साल साकिन वार्ड नं. 01 खेड़ापति मंदिर के पास ग्राम करेरा थाना करेरा जिला शिवपुरी हाल झांसी उत्तप्रदेश को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। आरोपी के कब्जे से दूसरे व्यक्ति के नाम से जारी मोबाईल सीम, बैंक पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड एवं घटना में प्रयुक्त मोबाईल हैंडसेट बरामद किया गया है। मामले में अन्य आरोपी की पतासाजी जारी है।
प्रकरण में आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी में निरीक्षक उमाशंकर राठौर के नेतृत्व में सउनि चंद्रकांत तिवारी, प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू, अभिनव तिवारी, आरक्षक आकाश राजपूत, मो. इरफान, मनीष कुमार एवं अन्य स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
*अपील*-
*साइबर पुलिस थाना कबीरधाम आमजनों से अपील करता है* कि मोबाईल पर प्राप्त किसी भी अज्ञात APK फाइल को डाउनलोड अथवा इंस्टॉल न करें। साइबर ठगों द्वारा आरटीओ चालान, पीएम आवास योजना, बिजली बिल, केवाईसी अपडेट, बैंक अपडेट एवं अन्य शासकीय योजनाओं के नाम पर फर्जी लिंक अथवा APK फाइल भेजकर लोगों को अपना शिकार बनाया जा रहा है।
किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल, लिंक अथवा एप्लीकेशन को इंस्टॉल न करें तथा OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, बैंक पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो बिना समय गंवाये तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, राशि को होल्ड/फ्रीज कराने एवं वापस दिलाने की संभावना उतनी ही अधिक रहती है।





