खंडवा मौसम बदलते ही शरीर में कमजोरी, जोड़ों में दर्द और थकान की शिकायत बढ़ने लगती है. ऐसे में लोग बाजार के सप्लीमेंट्स और दवाइयों की ओर भागते हैं, लेकिन हमारे घर की रसोई में ही इसका देसी और असरदार इलाज मौजूद है. खास बात ये है कि ये लड्डू बिना चीनी और बिना खोया के भी बनाए जा सकते हैं और स्वाद के साथ सेहत का पूरा ख्याल रखते हैं. घर की रसोई में बनने वाले ये देसी लड्डू सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि एक तरह का नेचुरल हेल्थ टॉनिक हैं. प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैट्स से भरपूर ये लड्डू शरीर को अंदर से ताकत देते हैं. खासकर बारिश और सर्दियों के मौसम में इन्हें खाना बेहद फायदेमंद माना जाता है. नई मांओं के लिए भी ये लड्डू काफी लाभकारी बताए जाते हैं, क्योंकि ये शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करते हैं.
गृहिणी स्वीटी पटेल बताती हैं कि “गोंद के लड्डू बनाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगती, बस थोड़ा सही तरीका आना चाहिए. अगर सही तरह से बनाए जाएं तो ये लड्डू बाहर से क्रंची और अंदर से सॉफ्ट बनते हैं, और स्वाद इतना बढ़िया होता है कि बच्चे भी बड़े शौक से खाते हैं.
लड्डू बनाने की पूरी विधि
अब बात करें इसे बनाने के तरीके की, तो सबसे पहले खाने वाले गोंद को देसी घी में धीमी आंच पर तलना होता है. ध्यान रखना होता है कि गोंद अच्छे से फूल जाए और अंदर तक कुरकुरा हो जाए. इसके बाद इसे ठंडा करके हल्का दरदरा कूट लिया जाता है, जिससे लड्डू में अच्छा टेक्सचर आता है. इसके बाद कढ़ाई में थोड़ा घी डालकर काजू, बादाम और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स को हल्का भून लिया जाता है. साथ ही मखानों को भी कुरकुरा होने तक रोस्ट करके दरदरा पीस लिया जाता है. नारियल को भी हल्का सा सेकने से उसका स्वाद और बढ़ जाता है. अब सबसे अहम स्टेप आता है.आटे को भूनना
देसी घी में गेहूं के आटे को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक भूनना होता है, जब तक उसका रंग हल्का गोल्डन ब्राउन न हो जाए और खुशबू न आने लगे. यही स्टेप लड्डू के स्वाद को तय करता है, इसलिए इसमें जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. जब आटा तैयार हो जाए, तो इसमें गोंद, ड्राई फ्रूट्स, मखाने, नारियल और इलायची-सोंठ पाउडर मिलाकर अच्छे से मिक्स किया जाता है. थोड़ा ठंडा होने पर इसमें बूरा या गुड़ का पाउडर मिलाया जाता है, जिससे लड्डू में नेचुरल मिठास आती है. इसके बाद हाथों से दबाकर गोल-गोल लड्डू बना लिए जाते हैं.इन लड्डुओं की खासियत ये है कि ये लंबे समय तक खराब नहीं होते और रोज एक-दो लड्डू खाने से शरीर में जबरदस्त ताकत बनी रहती है. जिन लोगों को बार-बार कमजोरी महसूस होती है या जोड़ों में दर्द रहता है, उनके लिए ये किसी देसी दवा से कम नहीं हैं. गोंद और ड्राई फ्रूट्स के ये लड्डू स्वाद और सेहत का जबरदस्त कॉम्बिनेशन हैं. अगर आप भी बारिश के मौसम में खुद को फिट और एनर्जेटिक रखना चाहते हैं, तो बाजार की चीजों की जगह एक बार ये देसी लड्डू जरूर ट्राई करें.





