अबूझमाड़ के दुर्गम क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों का प्रभारी सचिव भीम सिंह एवं कलेक्टर नम्रता जैन ने किया निरीक्षण*
*आकाबेड़ा-कलमानार, कस्तूरमेटा-हिकपाड़ एवं कुकड़ाझोर-ताड़ोनार मार्गों की प्रगति और गुणवत्ता का लिया जायजा, समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश*
नवंबर 2026 // पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एवं नारायणपुर जिले के प्रभारी सचिव श्री भीम सिंह ने कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन के साथ आज अबूझमाड़ के दुर्गम एवं दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत संचालित सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आकाबेड़ा से कलमानार, कस्तूरमेटा से हिकपाड़ तथा कुकड़ाझोर से ताड़ोनार तक निर्माणाधीन तीन सड़क मार्गों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। इनमें आकाबेड़ा-कलमानार मार्ग की लंबाई 7.3 किलोमीटर, कस्तूरमेटा-हिकपाड़ मार्ग की लंबाई 2.5 किलोमीटर तथा कुकड़ाझोर-ताड़ोनार मार्ग की लंबाई 1.15 किलोमीटर है।
प्रभारी सचिव श्री भीम सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ के दुर्गम एवं दूरस्थ गांवों को सड़क संपर्क से जोड़ना शासन की प्राथमिकता है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य आवश्यक सेवाओं तक उनकी पहुंच सुगम होगी। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए।इस दौरान पीएमजीएसवाई के मुख्य अभियंता श्री के.के. कटारे भी उपस्थित थे।
*पीएम जनमन के हितग्राही के आवास का किया अवलोकन*
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव श्री भीम सिंह ताड़ोनार गांव पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही श्री नीलकंठ यादव के नवनिर्मित आवास का अवलोकन किया। उन्होंने हितग्राही से चर्चा कर आवास निर्माण की स्थिति एवं उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि विशेष रूप से दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।
प्रभारी सचिव ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पीएम जनमन एवं वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता से शामिल करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसर विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
इसके पश्चात प्रभारी सचिव ने आकाबेड़ा से कलमानार तक निर्माणाधीन 7.3 किलोमीटर लंबी सड़क का निरीक्षण कर निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में उन्होंने कस्तूरमेटा से हिकपाड़ तक निर्माणाधीन 2.5 किलोमीटर लंबी सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासी श्री मंतूराम गोटा से चर्चा कर गांव की जनसंख्या, परिवारों की संख्या एवं बसाहट की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय आवश्यकताओं एवं ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों की प्राथमिकता निर्धारित करने के निर्देश दिए।
प्रभारी सचिव ने कुकड़ाझोर से ताड़ोनार तक निर्माणाधीन 1.15 किलोमीटर लंबी सड़क का भी निरीक्षण किया। उन्होंने सड़क निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन करने, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
प्रभारी सचिव श्री भीम सिंह ने कहा कि अबूझमाड़ के दूरस्थ एवं दुर्गम गांवों में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करना और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए स्वीकृत निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित रूप से पहुंचाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चित्रकांत चाली ठाकुर, एसडीएम श्री सौरभ दीवान, पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता श्री विनय वर्मा, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता श्री रामेश्वर नेताम, तहसीलदार कोहकामेटा डॉ. एजाज हाशमी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।





