प्रभारी सचिव भीम सिंह एवं कलेक्टर नम्रता जैन ने कोचवाही के मल्टी एक्टिविटी सेंटर का किया निरीक्षण*
*स्व-सहायता समूह की महिलाओं से आजीविका गतिविधियों की ली जानकारी, मुर्गीपालन एवं गायपालन को बढ़ावा देने के निर्देश*
*समूहों की आय बढ़ाने और गतिविधियों के विस्तार के लिए अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*
नवंबर 2026 // प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव एवं जिले के प्रभारी सचिव श्री भीम सिंह तथा कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन ने आज कोचवाही में संचालित मल्टी एक्टिविटी सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का अवलोकन कर महिलाओं से उत्पादन, कार्य संचालन, बाजार उपलब्धता और आर्थिक लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। प्रभारी सचिव ने समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम हैं। इनके माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर विकसित कर परिवारों की आय में वृद्धि की जा सकती है।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव एवं कलेक्टर ने सबसे पहले मां इंद्रावती स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित पौष्टिक लड्डू निर्माण इकाई का अवलोकन किया। उन्होंने लड्डू निर्माण की प्रक्रिया, उत्पादन क्षमता और बिक्री से होने वाली आमदनी के संबंध में समूह की महिलाओं से जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं को उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, उत्पादन बढ़ाने और विपणन की बेहतर व्यवस्था करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि समूह को अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।
इसके पश्चात उन्होंने लक्ष्मी स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित मुर्गीपालन इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने मुर्गीपालन की वर्तमान स्थिति, मुर्गियों की संख्या, उत्पादन एवं इससे प्राप्त होने वाली आमदनी की जानकारी ली। समूह की महिलाओं ने मुर्गीपालन गतिविधि को और अधिक विस्तार देने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग रखी। प्रभारी सचिव ने संबंधित अधिकारियों को समूह की आवश्यकता के अनुरूप सहयोग की संभावनाओं पर कार्य करने तथा मुर्गीपालन से अधिक लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए।
प्रभारी सचिव एवं कलेक्टर ने सेंटर में संचालित गायपालन इकाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने समूह की महिलाओं से पशुओं के रखरखाव, चारा व्यवस्था, दुग्ध उत्पादन तथा इससे होने वाली आय के संबंध में चर्चा की। महिलाओं ने गायपालन गतिविधि को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया। इस पर प्रभारी सचिव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्ययोजना तैयार कर समूह की महिलाओं को विभागीय योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।
इसके बाद बटेरपालन इकाई का अवलोकन कर इसकी संभावनाओं और आर्थिक लाभ के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, जिससे महिलाओं को नियमित आमदनी के अवसर मिल सकें।
निरीक्षण के दौरान तालाब में गायत्री स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे मछलीपालन कार्य का भी जायजा लिया गया। प्रभारी सचिव ने मछलीपालन की स्थिति और इससे होने वाली आय की जानकारी ली। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग के माध्यम से समूह को बेहतर गुणवत्ता वाले मत्स्य बीज उपलब्ध कराने तथा मछलीपालन गतिविधि को लाभकारी बनाने के लिए आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इसी क्रम में मां शीतला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित सब्जी उत्पादन इकाई का भी अवलोकन किया गया। उन्होंने सब्जी उत्पादन, स्थानीय बाजार में बिक्री और समूह की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की।
प्रभारी सचिव श्री भीम सिंह ने कहा कि मल्टी एक्टिविटी सेंटर ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण केंद्र है। विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समूहों को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक विभागीय सहायता उपलब्ध कराकर उनकी गतिविधियों का विस्तार किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चित्रकांत चाली ठाकुर, एसडीएम श्री सौरभ दीवान, तहसीलदार डॉ. एजाज हाशमी एवं डीपीएम श्री नितेश देवांगन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।





