नारायणपुर में हर्षाेल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया राज्योत्सव 2026*
*नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ में विकास की मुख्यधारा तक पहुंच रहा है प्रशासन – विधायक विक्रम उसेण्डी*
*सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं के विस्तार से जिले में विकास को मिली नई गति*
* नवंबर 2026//* छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नारायणपुर जिले में 2 नवंबर को राज्योत्सव 2026 हर्षाेल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। जिला मुख्यालय स्थित शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के खेल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों, लोक कलाकारों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समारोह में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपरा और विकास की उपलब्धियों की मनमोहक झलक देखने को मिली। स्कूली बच्चों एवं स्थानीय लोक कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए, जिनका अतिथियों तथा आम नागरिकों ने अवलोकन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अंतागढ़ विधायक श्री विक्रम उसेण्डी ने जिलेवासियों को राज्योत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शी सोच और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ एक पृथक राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। राज्य गठन के बाद से प्रदेश ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर प्रगति की है। उन्होंने कहा कि नारायणपुर जिले का गठन 11 मई 2007 को हुआ था। जिला बनने के बाद यहां प्रशासनिक व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विधायक श्री उसेण्डी ने कहा कि बस्तर संभाग का भौगोलिक क्षेत्रफल कभी केरल राज्य से भी बड़ा हुआ करता था, लेकिन प्रशासनिक सुविधा और विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से इसे अलग-अलग जिलों में विभाजित किया गया। नारायणपुर जिला भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद की चुनौती के कारण जिले के अनेक दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित रहे। विशेषकर अबूझमाड़ जैसे दुर्गम अंचलों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार सुविधाओं का विस्तार करना एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन सुरक्षा बलों, पुलिस, जिला प्रशासन और स्थानीय ग्रामीणों के सामूहिक प्रयासों से अब परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में मिली महत्वपूर्ण सफलता के बाद बस्तर अंचल में विकास की नई संभावनाएं खुली हैं। अब दूरस्थ गांवों तक शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं और प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। सड़कों, पुल-पुलियों का निर्माण, आवागमन के साधनों का विस्तार और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास से ग्रामीणों का जीवन पहले की तुलना में अधिक सुगम हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। इस परिवर्तन में पुलिस विभाग, सुरक्षा बलों, प्रशासनिक अधिकारियों और ग्रामीणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
रेल कनेक्टिविटी के संबंध में उन्होंने कहा कि बस्तर क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों से बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। कांकेर क्षेत्र को रेल सुविधा से जोड़ने के लिए सर्वेक्षण सहित विभिन्न स्तरों पर कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि रावघाट से 20 अक्टूबर को रेल परिचालन प्रारंभ होना क्षेत्र के विकास और परिवहन सुविधा की दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बेहतर सड़क एवं रेल परिवहन से क्षेत्र में व्यापार, रोजगार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा दूरस्थ अंचलों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद प्रदेश ने विकास के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि नारायणपुर जिला बनने से पहले यहां के लोगों को छोटी-बड़ी प्रशासनिक आवश्यकताओं और समस्याओं के समाधान के लिए दूरस्थ स्थानों तक जाना पड़ता था। जिला गठन के बाद प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार हुआ है और शासन की सेवाएं आम नागरिकों के अधिक करीब पहुंची हैं। बस्तर संभाग में नए जिलों के गठन से प्रशासनिक कार्यों में सुगमता आई है तथा विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिली है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार सुधार हो रहा है। उच्च शिक्षण संस्थानों, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य आधारभूत संरचनाओं के विस्तार से युवाओं के लिए नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। जल जीवन मिशन, जनधन योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। शासन की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना का प्रभावी संचालन कर रही है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में योगदान दे रही हैं। उन्होंने किसानों के हित में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में लिए गए निर्णयों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से लंबे समय तक प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में अब शांति और विकास की नई तस्वीर उभर रही है। सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में बदलाव दिखाई दे रहा है। यह परिवर्तन शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ-साथ आम नागरिकों के सहयोग और सहभागिता से संभव हो रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम को नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्र प्रसाद बघेल ने भी संबोधित किया।
*सशक्त नारी और युवा उड़ान जिले के विकास की प्राथमिकता*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती नम्रता जैन ने जिलेवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 1 नवंबर 2000 को इस उद्देश्य से किया गया था कि यहां के लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप एक समृद्ध, खुशहाल और स्वाभिमानी प्रदेश का निर्माण हो सके। राज्य गठन के बाद प्रदेश ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय संभावनाओं का बेहतर उपयोग करते हुए विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि नारायणपुर जिले में इस वर्ष का विकास दृष्टिकोण सशक्त नारी और युवा उड़ान की भावना पर केंद्रित है। यह जिले में बदलते सामाजिक और विकासात्मक परिदृश्य को दर्शाता है। जिला प्रशासन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी प्रकार जिले के युवाओं को खेल, शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ाने और उनकी प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिले के सभी विभागों द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण से संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचे। विशेषकर अबूझमाड़ के दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं और शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के सहयोग से नारायणपुर जिला विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
कार्यक्रम में पद्मश्री हेमचंद मांझी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह मंडण्डावी, जनपद पंचायत नारायणपुर की अध्यक्ष श्रीमती पिंकी उसेण्डी, जनपद पंचायत ओरछा के अध्यक्ष श्री नरेश कोर्राम, वरिष्ठ नागरिक श्री गौतम एस गोलछा, श्री बृजमोहन देवांगन, पुलिस अधीक्षक श्री संदीप पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चित्रकांत चाली ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्री ए.आर. राणा, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नारायणपुर श्री सुनील सोनपिपरे, ओरछा एसडीएम श्री सौरभ दीवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।





