छत्तीसगढ़

ग्राम सूरजपुरा एवं पिरचाटोला में कोदो पैरा विषाक्तता से प्रभावित पशुओं का उपचार जारी*

*ग्राम सूरजपुरा एवं पिरचाटोला में कोदो पैरा विषाक्तता से प्रभावित पशुओं का उपचार जारी*

*पशु चिकित्सा विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर कर रहीं उपचार*

*पशुओं के स्वास्थ्य की कर रहे लगातार निगरानी*

कवर्धा,  अक्टूबर 2026। कबीरधाम जिले के विकासखंड सहसपुर लोहारा अंतर्गत ग्राम सूरजपुरा एवं पिरचाटोला में कोदो पैरा खाने से पशुओं में विषाक्तता के लक्षण सामने आने पर पशु चिकित्सा विभाग द्वारा तत्काल उपचार एवं आवश्यक कार्रवाई की गई। 28 अक्टूबर को लगभग 10 पशुओं में विषाक्तता के लक्षण पाए गए थे। ग्राम पंचायत सूरजपुरा से सूचना प्राप्त होने पर विभागीय अमले द्वारा उसी रात प्रभावित पशुओं का उपचार किया गया।
29 अक्टूबर की सुबह लगभग 145 पशुओं में कोदो पैरा विषाक्तता के लक्षण पाए जाने के बाद पशु चिकित्सा विभाग ने उपचार कार्य में तेजी लाई। विकासखंड सहसपुर लोहारा के समस्त मैदानी अमलों, मोबाइल वेटरनरी यूनिट (एमवीयू) तथा आसपास के क्षेत्र के पशु चिकित्सा सहायकों, मैत्री कार्यकर्ताओं एवं गौ सेवकों के सहयोग से पशुपालकों के घर पहुंचकर प्रभावित पशुओं का उपचार किया जा रहा है।
पशु चिकित्सा विभाग के प्रभारी उप संचालक डाॅ. आशीष देवांगन ने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को कोदो पैरा वाले खेतों में चरने न दें। पशुओं में कंपकंपी, असंतुलन या विषाक्तता के अन्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क कर उपचार कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

जांच के लिए लिए गए नमूने

घटना के कारणों की जांच के लिए संबंधित ग्राम के चराई क्षेत्र से कोदो पैरा का नमूना एकत्रित किया गया है। इसके साथ ही जिला रोग अन्वेषण प्रयोगशाला की टीम द्वारा प्रभावित पशुओं के रक्त एवं गोबर के नमूने भी एकत्रित किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जा रहा है। नमूनों की जांच से विषाक्तता के कारणों के संबंध में जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी।

पशुओं के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी

पशु चिकित्सा विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्र में मैदानी अमलों की पालियों में ड्यूटी लगाई गई है, ताकि पशुओं के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा सके और आवश्यकता के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जा सके। उपचार के लिए आवश्यक औषधियां संबंधित पशु चिकित्सा संस्थाओं एवं जिला स्तर पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, जिला कबीरधाम द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया गया है। उन्होंने मैदानी अमलों को स्थिति पर सतत निगरानी रखने तथा प्रभावित पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

पशुओं को कोदो पैरा चराने से बचाने की अपील

पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार अक्टूबर से नवंबर के बीच कोदो फसल की कटाई के बाद खेतों में पैरा छूट जाता है। चराई के दौरान पशुओं द्वारा इसे खा लेने से विषाक्तता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। प्रभावित पशुओं में शरीर में लगातार कंपकंपी, शारीरिक असंतुलन, पेट फूलने तथा मादक पदार्थ के सेवन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। गंभीर विषाक्तता की स्थिति में पशुओं की मृत्यु भी हो सकती है। इस प्रकार की घटनाएं पूर्व में भी सामने आ चुकी हैं। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, विकासखंड सहसपुर लोहारा द्वारा जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा को संबंधित क्षेत्रों में मुनादी कराकर पशुओं को कोदो पैरा वाले खेतों में चरने से रोकने के लिए जागरूकता फैलाने के संबंध में पत्र लिखा गया है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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