छत्तीसगढ़

जिले के 43 बच्चों की हुई जांच, 21 बच्चों को हृदय रोग के ऑपरेशन के लिए किया गया चिन्हांकित*

*चिरायु योजना के तहत बोड़ला में निःशुल्क ईको कार्डियोग्राफी जांच शिविर आयोजित*

*जिले के 43 बच्चों की हुई जांच, 21 बच्चों को हृदय रोग के ऑपरेशन के लिए किया गया चिन्हांकित*

कवर्धा,  अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में निःशुल्क ईको कार्डियोग्राफी जांच शिविर का आयोजन किया गया। सत्य साईं हॉस्पिटल रायपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर में जिले के 43 बच्चों का पंजीयन कर उनकी ईको कार्डियोग्राफी जांच की गई। जांच के उपरांत 21 बच्चों को हृदय रोग के ऑपरेशन के लिए चिन्हांकित किया गया। शिविर का उद्देश्य बच्चों में हृदय रोग की समय पर पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है।
सीएमएचओं डाॅ. डीके तुरे ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत जिले के समस्त शासकीय प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, अनुदान प्राप्त विद्यालयों, आवासीय विद्यालयों, आश्रमों एवं छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का चिरायु दलों के माध्यम से निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। चिरायु दल वर्ष में एक बार विद्यालयों तथा वर्ष में दो बार आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण कर बच्चों की स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराते हैं।
गंभीर बीमारियों से ग्रसित बच्चों को आगे की जांच एवं उपचार के लिए चिरायु वाहनों के माध्यम से शासन द्वारा अनुबंधित शासकीय एवं निजी अस्पतालों में भेजा जाता है। आवश्यकता के अनुसार छत्तीसगढ़ शासन से अनुबंधित राज्य के बाहर के अस्पतालों में भी बच्चों के उपचार एवं ऑपरेशन की व्यवस्था की जाती है, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण किसी बच्चे को आवश्यक उपचार से वंचित न रहना पड़े। शिविर में जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्रीमती अनुपमा तिवारी, डॉ. मुकुंद राव, श्री शिव गोपाल, श्री शिवेंद्र देवांगन सहित विकासखंड के अधिकारी-कर्मचारी एवं चिरायु दल के समस्त सदस्यों की सक्रिय भागीदारी रही। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे अपने बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं तथा चिरायु कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध निःशुल्क जांच एवं उपचार सुविधाओं का लाभ उठाएं।

हृदय रोग के लक्षणों के प्रति जागरूक रहने की अपील

शिविर में बाल हृदय रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट) डॉ. योगेश साठे ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने बच्चों में हृदय रोग के संभावित लक्षणों की जानकारी देते हुए बताया कि शिशुओं एवं छोटे बच्चों में दूध पीते समय जल्दी थक जाना, हांफना, अधिक पसीना आना, होंठ या नाखूनों का नीला पड़ना, वजन नहीं बढ़ना तथा आराम की स्थिति में भी तेज सांस चलना हृदय रोग के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि बड़े बच्चों एवं किशोरों में थोड़ी शारीरिक गतिविधि करने पर सांस फूलना, अत्यधिक थकान एवं सुस्ती, व्यायाम के दौरान सीने में दर्द या भारीपन, खेलते समय चक्कर आना अथवा बेहोशी और दिल की धड़कन असामान्य रूप से तेज होना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों में इस प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न बरतें और तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। समय पर जांच एवं उपचार से बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने तथा बेहतर जीवन प्रदान करने में मदद मिल सकती है।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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