छत्तीसगढ़

पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी उपज की खरीदी

*पीएम-आशा योजना के तहत पांच फसलों के लिए 31 अक्टूबर तक होगा पंजीयन*

*पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी उपज की खरीदी*

कवर्धा, अक्टूबर 2026। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन की खेती करने वाले किसान प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत 31 अक्टूबर 2026 तक पंजीयन करा सकते हैं। किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के माध्यम से संबंधित सेवा सहकारी समिति में आवश्यक दस्तावेज जमा कर पंजीयन कराएं, ताकि उपज का विक्रय न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किया जा सके।

प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित

योजना के तहत भारत सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए अरहर का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,450 रुपये, मूंग का 8,780 रुपये, उड़द का 8,200 रुपये, मूंगफली का 7,517 रुपये और सोयाबीन का 5,708 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जिले के लिए चिन्हांकित केंद्रीय एजेंसी द्वारा पंजीकृत किसानों से इन फसलों का उपार्जन किया जाएगा।

इन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता

पंजीयन के लिए किसानों को ऋण पुस्तिका, बी-1, पी-2, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छायाप्रति आवेदन पत्र के साथ संबंधित सेवा सहकारी समिति में जमा करनी होगी। किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। पंजीयन के लिए किसान पोर्टल का पता Kisan-cg-nic-in बताया गया है।

फसल के अनुसार निर्धारित है खरीदी की मात्रा

योजना के अंतर्गत प्रति एकड़ निर्धारित मात्रा के अनुसार अरहर, मूंग और उड़द की 3-3 क्विंटल, मूंगफली की 7 क्विंटल तथा सोयाबीन की 5 क्विंटल उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन किया जाएगा। जिले में उपार्जन एवं भंडारण के लिए कवर्धा, बोड़ला, पंडरिया और सहसपुर लोहारा विकासखंड की समितियों को उपार्जन केंद्र के रूप में चयनित एवं अधिसूचित किया जाना प्रस्तावित है। उपज की खरीदी सप्ताह में पांच दिन, सोमवार से शुक्रवार तक की जाएगी। कृषि विभाग ने संबंधित फसलों की खेती करने वाले किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पंजीयन कराएं और योजना का लाभ उठाते हुए अपनी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय करें।

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button