भिलाई। छत्तीसगढ़ में ललित कला अकादमी, रीजनल सेंटर की स्थापना के लिए सरकार ने डॉ. अंकुश देवांगन को कमेटी का चेयरमेन बनाया। उनके मनोनयन से छत्तीसगढ़ी कलाजगत में हर्ष व्याप्त है। प्रख्यात मॉडर्न आर्ट चित्रकार डी.एस. विद्यार्थी, चित्रकार बी.एल. सोनी, फोटोग्राफर प्रवीण कालमेघ, मीना देवांगन, मोहन बराल, राष्ट्रपति पुरस्कृत गुरुजी परसराम साहू तथा साहित्यकार मेनका वर्मा ने उन्हें बधाई दी है।
ज्ञात हो कि अंकुश देवांगन केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आने वाले ललित कला अकादमी में छत्तीसगढ़ से प्रथम बोर्ड मेंबर हैं। उनका मनोनयन सांसद विजय बघेल की अनुशंसा पर केंद्रिय संस्कृति मंत्री ने 2019 में किया था। उन्होंने अपने कार्यकाल के प्रथम वर्ष में ही छत्तीसगढ़ भिलाई में ललित कला अकादमी के रीजनल सेंटर का प्रस्ताव दिया था। वे देश भर में बनाई गई अपनी कालजयी मूर्तिकलाओं के अलावा छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 36 वर्षों से बच्चों को निशुल्क कला प्रशिक्षण के लिए भी चर्चित रहे हैं।
उनके हिंसा छोड़ो कला से नाता जोड़ो आंदोलन के कारण हजारों बच्चे माओवादी बनने से बचे हैं। ललित कला के रीजनल सेंटर हेतु भारतीय जनता पार्टी ने भी विधानसभा चुनाव घोषणा पत्र में स्थापना का वादा किया था। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ के सैकड़ों कलाकार अनेकों वर्षों से इसकी मांग कर रहे हैं। ताकि राज्य की कला संस्कृति का व्यापक विकास हो सके। इन तमाम संभावनाओं के मद्देनजर छत्तीसगढ़ शासन ने इस बहुप्रतिक्षित मांग को पूरा करने के लिए कमेटी का गठन किया है। जिसमें डॉ. अंकुश देवांगन को चेयरमेन बनाया गया है। यह कमेटी एक साल तक अपने कार्य को पूरा करने का उद्देश्य रखती है। कमेटी के सदस्यों में संदीप किन्डो, सहायक प्राध्यापक खैंरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय, अंतरराष्ट्रीय चित्रकार हुकुम लाल वर्मा, तृप्ति खरे तथा संस्कृति विभाग रायपुर के उमेश मिश्रा शामिल हैं।
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