छत्तीसगढ़

महतारी वंदन ई-केवाईसी में कबीरधाम प्रदेश में तीसरे स्थान पर, 83 प्रतिशत कार्य पूर्ण

*महतारी वंदन ई-केवाईसी में अनियमितता पर कार्रवाई, कबीरधाम में 6 सीएससी आईडी किए गए बंद*

*महतारी वंदन ई-केवाईसी में कबीरधाम प्रदेश में तीसरे स्थान पर, 83 प्रतिशत कार्य पूर्ण*

*कलेक्टर ने कहा अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई*

कवर्धा,  मई 2026। जिले में महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी कार्य तेजी से जारी है। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सभी विभागीय सीएससी वीएलई को पंचायत भवन एवं वार्ड कार्यालयों में निर्धारित समयावधि के दौरान उपस्थित रहकर हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी हितग्राहियों को केंद्र तक लाने और प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने विभागीय अधिकारियों को पंचायतों में समय-समय पर निरीक्षण कर कार्यों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। अनियमितता की शिकायतें प्राप्त होने पर जांच उपरांत जिले के 6 सीएससी वीएलई आईडी निष्क्रिय की गई हैं। जिसके तहत बोड़ला में 1, कवर्धा में 4 और पंडरिया में 1 सहित कुल 6 सीएससी आईडी शामिल हैं। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि महतारी वंदन योजना के ई केवायसी में किसी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं होगी और संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिन हितग्राहियों के आधार विवरण में त्रुटियां पाई गई हैं, उनका सुधार परियोजना कार्यालय द्वारा 2 से 3 दिवस के भीतर कराया जा रहा है, जिसके बाद पुनः ई-केवाईसी प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। वर्तमान में सर्वर संबंधी किसी प्रकार की समस्या नहीं है और जिले में लगभग 83 प्रतिशत हितग्राहियों का ई-केवाईसी कार्य पूरा किया जा चुका है। कबीरधाम जिला महतारी वंदन योजना ई-केवाईसी कार्य में पूरे छत्तीसगढ़ में तीसरे स्थान पर है। निर्धारित समय सीमा में शेष केवायसी पूर्ण करने के लक्ष्य के साथ काम किया जा रहा है।

*अनियमितता की शिकायत के लिए फोन नंबर किया गया जारी*

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी वीएलई द्वारा ई-केवाईसी के नाम पर राशि की मांग या किसी प्रकार की अनैतिक गतिविधि की जाती है, तो इसकी जानकारी सीएससी जिला प्रबंधक कबीरधाम श्री महेंद्र साहू के मोबाइल नंबर 9630868510 पर दी जा सकती है, ताकि संबंधित के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जा सके।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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