संतरे के छिलकों को फेंकना क्यों एक गलती माना जाता है, इसका जवाब गार्डनिंग एक्सपर्ट प्रवीण मिश्रा ने दिया है। दरअसल संतरों के छिलकों में मौजूद नाइट्रोजन, पौटेशियम और फास्फोरस मिट्टी को वो ताकत देते हैं जो महंगे केमिकल खाद भी नहीं दे पाते हैं। यह मिट्टी की बनावट को अंदर से बदलकर उपजाऊ बना देते हैं।दरअसल संतरे के छिलके, गुड़ और पानी की मदद से एक बायो-एंजाइम बनाया जाता है जो पौधों की ग्रोथ को बढ़ाने के साथ ही कीड़ों से भी बचाने का भी काम करता है। अनीष सिन्हा के यूट्यूब चैनल से माली ने इस बायो-एंजाइम को बनाने का सही तरीका बताया है ताकि कोई गलती ना हो और कचरे का सही उपयोग हो।
- 2 लीटर की बोतल
- 300 ग्राम संतरे का छिलके
- 100 ग्राम गुड़
एक प्लास्टिक की बोतल लेकर उसके अंदर डाल दीजिए। अब आपको इसमें सीमित मात्रा में गुड़ की डालना है। ध्यान रहे कि बोतल को पानी से पूरा नहीं भरना है, बल्कि 80 प्रतिशत ही पानी लें। सभी चीजों को डालने के बाद अच्छी तरह से मिला दें। यहां, 20 प्रतिशत जगह गैस बनने के लिए छोड़नी होगी।अब तारीख डालकर 90 दिन के लिए बोतल को छोड़ दीजिए। बीच-बीच में ढक्कन खोलकर गैस निकालना होगी। माली का कहना है कि 2 दिन, 4 दिन, 8 दिन, 16 दिन इस तरह से कुछ दिनों का अंतर रखकर गैस निकालते रहें। गैस निकालना बहुत जरूरी है, नहीं तो बोतल फटने का खतरा भी हो सकता है और इस बोतल को छत पर कहीं कोने में रखना सुरक्षित होगा
दरअसल यह , तो शुरुआती कुछ हफ्तों में बोतल के अंदर काफी गैस बनेगी। हालांकि समय बीतने के साथ ही गैस बनने की प्रोसेस कम होती जाएगी। लेकिन इन 90 दिनों के बीच में अगर आप कहीं बाहर जा रहे हैं ढक्कन को ढीला करके रखकर जाएं ताकि अपने आप गैस बाहर निकलती रहे। लेकिन ढक्कन के अंदर छेद करने की गलती ना करें, नहीं तो गैस नहीं बन पाएगी।जब 90 से 120 दिन में गुदा नीचे जम जाए। तो डबल लेयर के कपड़े से इसे छान लीजिए। ठोस वाले हिस्से को पौधे के लिए पॉटिंग मिक्स तैयार करते समय मिला सकते हैं। जबकि लिक्विड को स्टोर करके रख लें, स्टोर करते समय भी गैस निकालने की प्रोसेस का ध्यान रखें।जब भी बायो-एंजाइम का इस्तेमाल करना हो तो 5 से 10 ml एक लीटर पानी में मिला लें। इसे सीधा पौधे में डालें या पत्तों पर छिड़काव भी कर सकते हैं। लगभग 20 से 22 दिन के अंतराल में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।




