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यूरोप में गन्ने के रस का ठेला देख चौंक गए भारतीय, रेसिपी और कीमत देखकर हंसी जरूर आएगी

भारतीय पेयों की अनोखी खुशबू, स्वाद और स्वास्थ्यवर्धक गुण विदेशी पर्यटकों तथा विदेशी निवासियों को खूब आकर्षित करते हैं। विश्व स्तर पर मसाला चाय और मैंगो लस्सी जैसी पेय आज स्टारबक्स से लेकर भारतीय रेस्तरां तक लोकप्रिय हैं। विदेशी सबसे ज्यादा मसाला चाय के दीवाने हैं। यूरोप और अमेरिका में इसे “exotic yet comforting” माना जाता है। TasteAtlas जैसी साइट्स पर मसाला चाय को विश्व की दूसरी सबसे प्रिय नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक चुना गया है। मगर, अब इस लिस्ट में गन्ने का रस भी शामिल हो गया है। इसकी पुष्टि एक वायरल वीडियो में हुई जिसमें यूरोप की सड़कों पर गन्ने का रस का देसी ठेला दिखाई दिया और वहां के लोग इसे खूब चटकारे लेकर पीते दिख रहे हैं।

इंस्टाग्राम पर वीडियो वायरल 

इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @prabhuvisha नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इस वीडियो के कैप्शन में लिखा है कि, ‘यूरोप में गन्ने का रस देखकर मैं सचमुच हैरान रह गई। पता नहीं क्यों, मुझे हमेशा लगता था कि यह ज़्यादातर एशियाई/भारतीय पेय है। यह मूल रूप से न्यू गिनी से आया है, लेकिन अब यह दक्षिण-पूर्व एशिया और भारत में हर जगह मिलता है। भारत में, यह एक बहुत ही लोकप्रिय प्राकृतिक पेय है… बेहद ताज़ा और काफ़ी सस्ता (लगभग €0.20–€0.50)। वहीं यूरोप में यह €2–€5 यानी करीब 200 से 500 रुपये का है। मुझे यहां इसकी मार्केटिंग का तरीका बहुत पसंद आया और रम मिलाने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। भारत में, यह आमतौर पर अदरक और नींबू के साथ ज़्यादा सरल और पारंपरिक तरीके से बनाया जाता है, जो वाकई लाजवाब होता है। यहां भी यह मिलता है, लेकिन फिर इसे कॉकटेल में बदल दिया जाता है, जो एक दिलचस्प ट्विस्ट है!’इस वीडियो को देखने के बाद भारतीय यूजर्स ने हैरत और हंसी दोनों जताई। एक यूजर ने लिखा कि, ‘कोई बड़ा हो रहा है… भगवान भला करे… भारत से ढेर सारा प्यार।’ दूसरे ने लिखा कि, ‘उन्होंने गन्ने के रस का भी गलत तरीके से महिमामंडन कर दिया।’ तीसरे यूजर ने लिखा कि, ‘भारत से एक बिजनेस फिर से बाहर हो गया।’ चौथे यूजर ने लिखा कि, ’10-20 साल बाद हमारी पाठ्यपुस्तक में छपेगा कि यूरोप ने गन्ने के रस का आविष्कार किया था।’ पांचवें यूजर ने लिखा कि, ‘बस थोड़ा इंतज़ार करो, वे इस पर अपना प्रीमियम और शानदार ब्रांड नाम लगा देंगे।’
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है।  जगन्नाथ डॉट कॉमकिसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है

Manoj Mishra

Editor in Chief

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