भारत में एक समय राजा-महाराजाओं का दौर हुआ करता था और वो अपने परिवारों के साथ बड़े-बड़े आलीशान महल और हवेलियों में रहते थे. राजस्थान के किले और महलों को देखने लोग दूर-दूर से आते हैं, मगर भारत में कई ऐसी हवेलियां आज भी मौजूद हैं, जिनकी एक झलक देखने के बाद आप तुरंत अपने फोन का कैमरा ऑन कर लेंगे.
अगर आप भी पहाड़ और समुद्र देखकर बोर गए हैं और भारत की कुछ खास जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो आप भारत की हवेलियों का रूख कर सकते हैं. पुरानी दीवारें, रंगीन झरोखे, शांत आंगन और लकड़ी की बारीक नक्काशी इन हवेलियों में हर कोना फोटो लेने लायक लगता है. से लेकर अहमदाबाद, पुरानी दिल्ली और प्रयागराज तक कई हेरीटेज हवेलियां सिर्फ देखने लायक नहीं है, बल्कि इनकी हर कोना फोटोग्राफी के लिए परफेक्ट होता है.
अगर आपको पुरानी नक्काशी देखने और फोटोग्राफी का शौक है तो आप अपनी बकेट लिस्ट में इन हवेलियों को शामिल कर सकते हैं. अगली बार जब आप घूमने का प्लान बनाएं तो इनमें से किसी एक हवेली की सैर कर सकते हैं. आइए आपको भारत की मोस्ट फेमस 9 हवेलियों के बारे में बताते हैं.
राजस्थान के बीकानेर में स्थित रामपुरिया हवेलियां अपनी भव्य वास्तुकला और लाल बलुआ पत्थर की खूबसूरत नक्काशी के लिए जानी जाती हैं. इन हवेलियों के झरोखे, सजावटी खिड़कियां और बारीक कलाकारी पुराने समय की शाही जीवन की झलक दिखाते हैं. यहां की ऐतिहासिक इमारतें फोटोग्राफी के शौकीनों को काफी पसंद आ सकती हैं. बीकानेर घूमने जाएं, तो इन हवेलियों को देखने के लिए समय जरूर निकालें.
मोरारका हवेली (नवलगढ़, राजस्थान)
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में स्थित नवलगढ़ शेखावाटी क्षेत्र का एक प्रमुख ऐतिहासिक कस्बा है. यहां की हवेलियां अपनी कलरफुल फ्रेस्को पेंटिंग और पारंपरिक राजस्थानी वास्तुकला के लिए मशहूर हैं. मोरारका हवेली में दीवारों पर बनी पेटिंग, सजावटी दरवाजे और पुराने जमाने की बनावट देखने को मिलती है. अगर आपको इतिहास और पारंपरिक कला में दिलचस्पी है, तो यह जगह आपकी ट्रैवल लिस्ट में शामिल हो सकती है.
बागोर की हवेली , राजस्थान)
उदयपुर की पिछोला झील के किनारे स्थित बागोर की हवेली शहर की मशहूर ऐतिहासिक इमारतों में से एक है. 18वीं सदी में बनी इस हवेली में कई कमरे, आंगन, सजावटी खिड़कियां और पारंपरिक राजस्थानी कलाकृतियां देखने को मिलती हैं. यहां का संग्रहालय पुराने शाही रहन-सहन और मेवाड़ की संस्कृति की झलक दिखाता है.
सुराणा हवेली (चूरू , राजस्थान)
राजस्थान के चूरू शहर में स्थित सुराणा हवेली अपनी ऐतिहासिक बनावट और बारीक वास्तुकला के लिए जानी जाती है. शेखावाटी क्षेत्र की हवेलियों की तरह यहां भी पुराने समय की सजावट और पारंपरिक निर्माण शैली देखने को मिलती है. इस इलाके की कई हवेलियों में कलरफुल पेटिंग और झरोखे बने हुए हैं. इतिहास और विरासत को करीब से देखने के लिए चूरू की सैर एक अलग तरह का अनुभव दे सकती है
धरमपुरा हवेली (चांदनी चौक,दिल्ली
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में स्थित हवेली धरमपुरा मुगलकालीन वास्तुकला की खूबसूरत झलक दिखाती है. इस ऐतिहासिक इमारत में मेहराबदार दरवाजे, नक्काशीदार खिड़कियां और पारंपरिक आंगन इसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं. हवेली का रेनोवेशन कर इसे विरासत से जुड़ा एक खास ठिकाना बनाया गया है. पुरानी दिल्ली की गलियों, ऐतिहासिक इमारतों और मुगलकालीन वास्तुकला में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह जगह खास हो सकती है. यहां जाने से पहले एंट्री और विजिटिंग नियमों की जानकारी जरूर लें.
पटवों की हवेली (जैसलमेर, राजस्थान)
जैसलमेर की पटवों की हवेली शहर की सबसे फेमस ऐतिहासिक इमारतों में गिनी जाती है. यह पांच हवेलियों का समूह है, जिसे एक धनी व्यापारी परिवार ने बनवाया था. सुनहरे बलुआ पत्थर पर की गई बारीक नक्काशी, सुंदर बालकनियां और झरोखे इसकी सबसे खास पहचान हैं. हवेली की बनावट को करीब से देखने पर कारीगरों की मेहनत का अंदाजा लगाया जा सकता है.
दीवानजी नी हवेली (अहमदाबाद)
गुजरात के अहमदाबाद में पुरानी हवेलियों और पारंपरिक लकड़ी की वास्तुकला का अनोखा कॉम्बिनेशन देखने को मिलता है. दीवानजी नी हवेली इसी विरासत का हिस्सा है. यहां की पारंपरिक निर्माण शैली, लकड़ी पर की गई नक्काशी और पुराने शहर का माहौल गुजरात की ऐतिहासिक संस्कृति से पहचान कराता है.
पोद्दार हवेली (नवलगढ़)
राजस्थान के नवलगढ़ में स्थित पोद्दार हवेली शेखावाटी की पारंपरिक पेटिंग और ऐतिहासिक वास्तुकला के लिए जानी जाती है. यहां की दीवारों पर बने कलरफुल फ्रेस्को पेंटिंग पुराने समय की कला और सामाजिक जीवन की झलक दिखाते हैं. अगर आपको दीवारों पर बनी पुरानी पेंटिंग और विरासत से जुड़ी जगहों की तस्वीरें लेना पसंद है, तो नवलगढ़ की यह हवेली देखने लायक है.
बोहरा हवेलियां (सिद्धपुर, गुजरात)
गुजरात के सिद्धपुर में स्थित बोहरा हवेलियां अपनी कलरफुल इमारतों, सुंदर दरवाजों और यूरोपीय इफेक्ट वाली वास्तुकला के लिए खास पहचान रखती हैं. इन हवेलियों की कतारें पुराने शहर को एक अलग ही रूप देती हैं. हल्के रंगों में रंगी दीवारें, लकड़ी की खिड़कियां और बारीक सजावट फोटोग्राफी के लिए खूबसूरत बैकग्राउंड तैयार करती हैं. यहां की इमारतें बोहरा समुदाय के इतिहास और व्यापारिक समृद्धि से भी जुड़ी हैं. सिद्धपुर की सैर के दौरान इन हवेलियों को देखकर गुजरात की सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझा जा सकता है.





