धारचूला। कैलास मानसरोवर यात्रा का अंतिम और दसवां दल तिब्बत से भारत लौट आया है। दल के दिल्ली पहुंचते ही कैलास मानसरोवर यात्रा का समापन हो जाएगा। दसवा दल वापसी में आधार शिविर धारचूला पहुंच चुका है।
दल ने रविवार सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर लिपु दर्रा पास कर भारत में प्रवेश किया। बाद में दल गुंजी होते हुए सायं धारचूला पहंचा। सभी यात्री सकुशल हैं। यात्रियों ने कैलास, मानसरोवर के दर्शन करने को अद्वितीय और कैलास मानसरोवर अनुपम बताया है। दसवां दल आधार शिविर धारचूला में प्रवास कर रहा है और साेमवार सुबह दल चौकोड़ी के लिए प्रस्थान करेगा।इस वर्ष दस दलों में कुल 477 श्रद्धालुओं ने कैलास मानसरोवर के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। यात्रा मार्ग पर इस बार श्रद्धालुओं को सुगम और निर्बाध व्यवस्थाएं देखने को मिलीं।, यात्रा के दौरान दुखद घटनाएं भी सामने आईं।यात्रा अवधि में राजस्थान निवासी एक श्रद्धालु की यात्रा के दाैरान वापसी में असमय मौत हो गई, जबकि कुमाऊं मंडल विकास निगम के एक रसोइए का तिब्बत क्षेत्र में निधन हो गया। इसके अलावा, मानसून काल में मौसम खराब होने और मार्ग बाधित रहने के कारण वापसी में पहले , सातवें तथा नौवें दल को कुछ समय के लिए देरी का सामना करना पड़ा।इन छुटपुट बाधाओं और कतिपय घटनाओं को छोड़ दें तो इस वर्ष की कैलास मानसरोवर यात्रा पिछले कई वर्षों की तुलना में बेहद सुगम और व्यवस्थित रही। जिला प्रशासन और केएमवीएन के बेहतर समन्वय से श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग में किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा, जिससे यात्रियों ने भी राहत और संतोष जताया है। यात्राधिकारी डीएस बिष्ट ने कहा कि यात्रा से जुड़े सभी विभागों, सुरक्षा बलों के सहयोग से यात्रा सकुशल सम्पन्न हुई ।





