घर की दीवार या फर्श का लुक बदलने के लिए अब हर बार पुरानी टाइल्स उखाड़ने, सीमेंट का घोल बनाने या लंबी मरम्मत करवाने की जरूरत नहीं है. बाजार में ऐसे फ्लोरिंग विकल्प भी मौजूद हैं, जिन्हें बिना ग्लू और सीमेंट के आसानी से लगाया जा सकता है. इन्हीं में मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स तेजी से लोगों का ध्यान खींच रही हैं. खास बात यह है कि इन्हें जरूरत के हिसाब से लगाया, हटाया और दोबारा इस्तेमाल भी किया जा सकता है, अगर घर में पहले से मार्बल या टाइल्स लगी हैं और आप उनका लुक बदलना चाहते हैं, तो यह विकल्प काम का हो सकता है.
इन टाइल्स को पजल के टुकड़ों की तरह आपस में जोड़ा जाता है. इसलिए काम शुरू करने के लिए फर्श तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि, सही टाइल चुनने से पहले उसकी क्वालिटी, सतह और इस्तेमाल वाली जगह को जरूर देखना चाहिए.
क्या होती हैं मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स?
मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स छोटे-छोटे फ्लोरिंग पीस होते हैं, जिनके किनारे एक-दूसरे में लॉक हो जाते हैं. इन्हें लगाने के लिए आमतौर पर सीमेंट या ग्लू की जरूरत नहीं होती. टाइल्स को हाथ से या जरूरत पड़ने पर हल्के हथौड़े की मदद से आपस में फिट किया जा सकता है. इनका इस्तेमाल घर के अलावा जिम, गैराज, बालकनी, आंगन और कुछ व्यावसायिक जगहों पर भी किया जाता है. इनकी सबसे बड़ी सुविधा यही है कि अगर बाद में जगह बदलनी हो, तो पूरी फ्लोरिंग को तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ती.पुरानी फ्लोरिंग के ऊपर भी लग सकती हैं
मान लीजिए आपके घर के फर्श पर पुरानी टाइल्स लगी हैं और अब उनका डिजाइन पसंद नहीं आ रहा. ऐसी स्थिति में मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स एक आसान विकल्प बन सकती हैं. कई तरह की टाइल्स मौजूदा फ्लोरिंग के ऊपर बिछाई जा सकती हैं, जिससे तोड़फोड़ का काम कम हो जाता है. यही वजह है कि किराए के घर, अस्थायी सेटअप या ऐसी जगहों पर भी इनका इस्तेमाल सुविधाजनक हो सकता है, जहां स्थायी बदलाव नहीं करना चाहते
टूटने पर पूरी फ्लोरिंग बदलने की जरूरत नहीं
पारंपरिक टाइल्स में एक टाइल टूट जाए तो उसे निकालने के लिए आसपास की सतह भी प्रभावित हो सकती है. इंटरलॉकिंग टाइल्स में ऐसा नहीं होता. खराब पीस को अलग करके उसकी जगह नई टाइल लगाई जा सकती है. यह सुविधा खासकर गैराज और जिम जैसी जगहों पर उपयोगी हो सकती है, जहां फर्श पर ज्यादा दबाव पड़ता है. इसके अलावा इन्हें निकालकर किसी दूसरे कमरे या दूसरी जगह पर भी लगाया जा सकता है, बशर्ते वहां की सतह और टाइल का प्रकार अनुकूल हो.
रबर, PVC और प्लास्टिक में मिलती हैं
मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स कई मटेरियल में उपलब्ध होती हैं. रबर और फोम वाली टाइल्स अपेक्षाकृत नरम होती हैं और पैरों को आराम देने के साथ सतह पर सुरक्षा की परत भी देती हैं. जिम या बच्चों के खेलने की जगह में इनका इस्तेमाल देखा जाता है. वहीं PVC और कठोर प्लास्टिक की टाइल्स गैराज, स्टोर एरिया या बाहरी जगहों के लिए चुनी जा सकती हैं. हालांकि, कार या भारी सामान वाली जगह पर टाइल खरीदने से पहले उसकी लोड क्षमता और निर्माता की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए.कीमत कितनी पड़ सकती है?
मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स की कीमत उनके मटेरियल, मोटाई, डिजाइन और क्वालिटी के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. सामान्य तौर पर बाजार में इनकी कीमत करीब 30 से 150 रुपये प्रति वर्ग फुट या उससे अधिक भी हो सकती है. अगर इन्हें खुद लगाया जाए तो मजदूरी का खर्च बच सकता है. किसी व्यक्ति से इंस्टॉलेशन करवाने पर जगह और काम के हिसाब से करीब 10 से 20 रुपये प्रति वर्ग फुट तक अतिरिक्त खर्च आ सकता है. कीमत तय करने से पहले स्थानीय बाजार में अलग-अलग विकल्पों की तुलना करना बेहतर रहेगा.
खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
इंटरलॉकिंग टाइल्स देखने में आसान और सुविधाजनक जरूर हैं, लेकिन हर जगह के लिए एक जैसा विकल्प सही नहीं होता. जिस जगह टाइल्स लगानी हैं, वहां नमी, पानी, धूप और वजन कितना रहेगा, यह देखना जरूरी है. फर्श समतल होना भी अहम है. बहुत ज्यादा ऊबड़-खाबड़ सतह पर टाइल्स सही तरीके से लॉक नहीं हो सकतीं. इसलिए खरीदने से पहले मटेरियल की मजबूती, सफाई का तरीका, पानी से बचाव और निर्माता की गाइडलाइन जरूर देखें. कुल मिलाकर, अगर आप बिना ज्यादा तोड़फोड़ के फर्श या किसी खास हिस्से का लुक बदलना चाहते हैं, तो मॉड्यूलर इंटरलॉकिंग टाइल्स एक दिलचस्प विकल्प हो सकती हैं. खासकर उन लोगों के लिए, जो ऐसी फ्लोरिंग चाहते हैं जिसे जरूरत पड़ने पर आसानी से हटाया भी जा सके.





