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भारतीय सेना को मिलेंगे 30,000 स्वदेशी 152 mm आर्टिलरी गोले, बालू फोर्ज को मिला कॉन्ट्रैक्ट

भारतीय थल सेना ने बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज लिमिटेड (BFIL) को 30,000 यूनिट 152 एमएम (152 mm) आर्टिलरी गोलों की आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक आदेश दिया है. इस रक्षा अनुबंध के तहत गोलों की आपूर्ति जून 2026 से शुरू होने वाली है. भविष्य में इस ऑर्डर के वॉल्यूम को बढ़ाकर 1,00,000 से अधिक शेल (गोले) करने की योजना है, जिसमें अन्य ए़डवांस वेरिएंट भी शामिल होंगे.यह भारतीय सेना की क्षमता विस्तार की बड़ी रणनीति को दर्शाता है. इस समझौते में अन्य गोला-बारूद वेरिएंट्स को शामिल करने की रूपरेखा भी तैयार की गई है, जो सेना की बदलती और आधुनिक होती तोपखाने जरूरत को पूरा करेगी. सेना की आर्टिलरी यूनिट्स को पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं जैसे सभी संवेदनशील मोर्चों पर तैनात किया गया है, जहां इस तरह के उच्च-कैलिबर गोला-बारूद की निरंतर और विश्वसनीय आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण है.इस रणनीतिक ऑर्डर को पूरा करने की जिम्मेदारी बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज लिमिटेड (BFIL) की पूरी तरह स्वदेशी और स्वचालित खाली शेल उत्पादन लाइन पर होगी. यह अत्याधुनिक और मानवरहित फोर्जिंग लाइन कर्नाटक के बेलगाम में स्थित कंपनी की ग्रीनफील्ड सुविधा में स्थापित है.

उत्पादन की खासियत: एडवांस रोबोटिक्स से चलने वाली यह प्रोडक्शन लाइन अभूतपूर्व सटीकता, गति और दक्षता के साथ काम करती है. बड़े कैलिबर वाले गोला-बारूद की बढ़ती घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग को पूरा करने के लिए कंपनी इस ऑटोमेटेड शेल लाइन की क्षमता को और बढ़ाने पर सक्रिय रूप से काम कर रही है.

नाटो (NATO) सर्टिफिकेशन और वैश्विक पहचान

घरेलू स्तर पर बड़ी कामयाबी हासिल करने के साथ-साथ, बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने एक विशिष्ट वैश्विक मान्यता भी प्राप्त की है. कंपनी को नाटो (NATO) सदस्य देशों के लिए उच्च-सटीकता वाले और मिशन-महत्वपूर्ण की आपूर्ति के लिए एक विश्वसनीय सप्लायर के रूप में मान्यता मिली है. यह विशिष्ट मान्यता कंपनी के कड़े गुणवत्ता नियंत्रण, मेटल की क्वालिटी और घरेलू प्रतिबद्धताओं के साथ-साथ बड़े अंतरराष्ट्रीय रक्षा अनुबंधों को पूरा करने की उसकी तैयारी को प्रमाणित करती है.

बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज लिमिटेड के प्रबंधन दल ने कहा कि यह प्रतिष्ठित ऑर्डर हमारे रक्षा विनिर्माण के सफर में बड़े बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है. एक प्रमुख घरेलू भागीदार से 152 एमएम बड़े-कैलिबर गोला-बारूद का अनुबंध मिलना हमारी विश्व स्तरीय प्रिसिजन इंजीनियरिंग क्षमताओं को उजागर करता है.

हम अपनी पूरी तरह से स्वचालित, अत्याधुनिक शेल उत्पादन लाइन को एडवांस एनर्जेटिक्स के साथ जोड़ रहे हैं. इसके अतिरिक्त, हमारा नाटो प्रमाणन हमारी सख्त गुणवत्ता मानकों की पुष्टि करता है, जो आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के तहत भारत को रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता के साथ-साथ हमारे लिए वैश्विक बाजारों के बड़े रास्ते खोलता है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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