भारत में सरकारी नौकरी का खूब क्रेज है। यही वजह है कि लाखों स्टूडेंट्स सरकारी नौकरी पाने के लिए वर्षों तक मेहनत करते हैं। लेकिन बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जो अपने सपनों के लिए जोखिम उठाने की हिम्मत रखते हैं। उत्तराखंड की बेटी तृप्ति उनमें से एक हैं। जब उनके सामने 10 से अधिक सरकारी नौकरियों के बेहतरीन अवसर थे लेकिन उन्होंने UPSC के सपने के लिए सभी ठुकरा दीं। उनकी सक्सेस स्टोरी में जानेंगे कि कैसे उन्होंने NTPC-ISRO की अच्छी पोस्ट की जाॅब्स छोड़कर पहले प्रयास में यूपीएससी क्रैक किया और अधिकारी बनीं।तृप्ति उत्तराखंड के अल्मोड़ा की रहने वाली हैं। एक इंटरव्यू में वह बताती हैं कि उनका जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। हालांकि, उनका सपना बड़ा था और उनके माता-पिता बचपन से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहे।तृप्ति ने इजीनियरिंग यानी BTech की पढ़ाई की। पंतनगर यूनिवर्सिटी से निकलने के बाद उन्हें कई अच्छी जाॅब्स मिलीं। देश की बड़ी कंपनी NTPC में असिस्टेंट मैनेजर और इंडियन स्पेश रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में जाॅब्स के मौके मिले।उनके पास सुरक्षित और अच्छी नौकरियों के अवसर थे, लेकिन उनका सपना सिविल सेवा अधिकारी बनना था। उन्होंने लगभग 16 सरकारी नौकरियां छोड़ दी और पूरी तरह से UPSC परीक्षा की तैयारी में लग गईं।2013 में तृप्ति ने पहली बार यूपीएससी का एग्जाम दिया। पहली ही कोशिश में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 165 हासिल की। इस तरह तृप्ति ने अपने उस सपने को पूरा किया जो इससे पहले मिलीं और सरकारी नौकरियों में नहीं पूरा हुआ था।UPSC पास करने के बाद तृप्ति भट्ट को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चुना गया। उन्होंने साबित कर दिया कि बड़ी मेहनत, आत्मविश्वास और लगन से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है। आज उनकी कहानी लाखों युवाओं को आगे बढ़ने की हौंसला देती है।
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