छत्तीसगढ़

सेवा संकल्प अभियान: छोटे प्रयास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ी सती बाई कोरी

*सेवा संकल्प अभियान: छोटे प्रयास से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ी सती बाई कोरी*

*पीएम-अजय योजना से मिला ब्यूटी पार्लर व्यवसाय का सहारा, आर्थिक स्थिति में आया सकारात्मक बदलाव*

कवर्धा, सितम्बर 2026। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद एवं पात्र हितग्राहियों के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बन रही हैं। योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कबीरधाम जिले के ग्राम मरका निवासी श्रीमती सती बाई कोरी को प्रधानमंत्री अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत मिली सहायता से ब्यूटी पार्लर व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला। योजना से प्राप्त आर्थिक सहयोग और विभागीय मार्गदर्शन के फलस्वरूप अब वे स्वरोजगार से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं।
श्रीमती सती बाई कोरी पहले छोटे स्तर पर दुकान एवं कृषि कार्य के माध्यम से अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। सीमित आय के कारण परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी दौरान उन्हें जिला अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के माध्यम से संचालित योजनाओं की जानकारी मिली। उन्होंने विभाग से संपर्क कर योजना के तहत आवेदन प्रस्तुत किया। अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के सहयोग से संचालित अनुसूचित जाति वर्ग के लिए प्रधानमंत्री अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में ब्यूटी पार्लर व्यवसाय के लिए ऋण स्वीकृति के विरुद्ध 50 हजार रुपये की अनुदान राशि श्रीमती सती बाई कोरी को प्रदान की गई। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने ब्यूटी पार्लर व्यवसाय को आगे बढ़ाने का कार्य शुरू किया।

*योजना से मिला आर्थिक संबल, बढ़ा आत्मविश्वास*

श्रीमती सती बाई कोरी बताती हैं कि योजना से मिली सहायता उनके और उनके परिवार के लिए वरदान साबित हुई है। ब्यूटी पार्लर व्यवसाय के माध्यम से उन्हें नियमित आय का साधन मिला और आर्थिक समस्याओं को दूर करने में मदद मिली। अब उन्हें रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता और छोटी-मोटी जरूरतों के लिए सेठ-साहूकारों से कर्ज लेने की आवश्यकता भी कम हुई है। उन्होंने बताया कि व्यवसाय के साथ-साथ उनके परिवार की सामाजिक जीवनशैली में भी सकारात्मक बदलाव आया है। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर भी बेहतर ध्यान दिया जा रहा है। वे नियमित रूप से ऋण की किस्तें जमा कर रही हैं तथा विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समय-समय पर मिलने वाले मार्गदर्शन से उन्हें अपने व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में सहायता मिल रही है।

*आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ता परिवार*

आज श्रीमती सती बाई कोरी अपने ब्यूटी पार्लर व्यवसाय से आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं। उनके लिए यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर बनी है। व्यवसाय के माध्यम से परिवार की आय में सहयोग मिलने के साथ उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है। श्रीमती सती बाई कोरी शासन की योजना के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि योजना से मिली सहायता और विभागीय मार्गदर्शन से मुझे अपना व्यवसाय आगे बढ़ाने का अवसर मिला। अब मुझे काम की तलाश में भटकना नहीं पड़ता। मैं नियमित रूप से ऋण की किस्तें जमा कर रही हूं और अपने बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान दे पा रही हूं।

Manoj Mishra

Editor in Chief

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