ईरान ने औपचारिक रूप से होमुर्ज जलमार्ग पर अपना नियंत्रण कर लिया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी शासन ने पर्शियन गल्फ स्टेट अथॉरिटी को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। साथ ही यह भी घोषणा कर दी है कि कोई भी जहाज उसकी मंजूरी के बिना होमुर्ज जलमार्ग से गुजर नहीं सकता।
सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने पीजीएसए का नया आधिकारिक एक्स पर लिखा, पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी का आधिकारिक एक्स अकाउंट शुरू हो गया है। होमुर्ज जलमार्ग में होने वाले अभियानों और ताजा घटनाक्रमों पर रियल-टाइम अपडेट पाने के लिए हमें फॉलो करें। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स नेवी ने तुरंत उसी पोस्ट को री-शेयर कर दिया।
किसे नियमों का पालन करना होगा?
पीजीएसए ने 18 मई को एक्स पर अपनी पोस्ट में घोषणा की कि अब वह ईरानी सरकार की ओर से होमुर्ज जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार कानूनी संस्था और प्रतिनिधि प्राधिकरण है। नियमों के पालन का बोझ काफी ज्यादा है। शिपिंग कंपनियों को 40 से अधिक तरह की जानकारी देनी होगी- जिसमें जहाज का पहचान नंबर, उसका मूल स्थान, मंजिल, माल का विवरण और चालक दल के सदस्यों, मालिकों और संचालकों की राष्ट्रीयता शामिल है।
इस मार्ग से गुजरने की कीमत बहुत अधिक है। कोई आधिकारिक किराया तय नहीं किया गया है, लेकिन खबरों के मुताबिक, कुछ जहाजों ने एक बार गुजरने के लिए 20 लाख डॉलर तक का भुगतान कर दिया है। यह भुगतान चीनी युआन में किया गया है।
पीजीएसए ने कहा कि ईरानी अधिकारियों की ओर से तय की गई सीमाओं के भीतर नेविगेशन के लिए ईरान के सशस्त्र बलों और संबंधित एजेंसियों के साथ पूर्व समन्वय जरूरी है और बिना अनुमति के गुजरना अवैध माना जाएगा। ईरान की संसदीय राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के अध्यक्ष इब्राहिम अजीजी ने ईरान का रुख साफ कर दिया।
कई देशों ने किया विरोध
कई देशों ने ईरान के इस कदम का विरोध किया है। उनका मानना है कि होमुर्ज जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून के दायरे में आता है, जो बिना किसी रुकावट के अंतरराष्ट्रीय शिपिंग को सुरक्षा देता है। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका, खाड़ी देशों और यूरोपीय राष्ट्रों – सभी ने ईरान की शुल्क व्यवस्था की वैधता को खारिज कर दिया है।
वैश्विक व्यापार को पहले ही भारी मानवीय कीमत चुकानी पड़ रही है। तीन मई को समाप्त हुए पूरे सप्ताह में इस होमुर्ज जलमार्ग से केवल 40 जहाज गुजरे- जबकि युद्ध से पहले रोजाना औसतन 120 जहाज गुजरते थे। दुनिया का लगभग पांचवां हिस्सा समुद्री रास्ते से आने वाला तेल और एलएनजी इसी रास्ते से गुजरता है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाले संभावित हमले को फिलहाल टाल दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं की अपील के बाद यह फैसला लिया गया। ट्रंप ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि खाड़ी देशों को उम्मीद है कि ईरान के साथ कोई समझौता हो जाएगा।





