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भारत का वो इलाका, जहां उगता है देश का आधा कटहल, लोग कहते दुनिया का ‘जैकफ्रूट कैपिटल’

आप कटहल अक्सर खाते होंगे लेकिन शायद आपको पता नहीं होगा कि भारत में एक ऐसा इलाका भी है, जहां पर देश का आधा कटहल उगाया जाता है. लोग उस राज्य को दुनिया की ‘कटहल कैपिटल’ भी कहते हैं. यह फसल उस इलाके में रहने वाले किसानों के लिए ‘हरा सोना’ बन गई है.

गर्मियों में कटहल (Jackfruit) की सब्जी खाना सभी को बेहद पसंद होता है. लेकिन क्या आपको पता है कि जिस कटहल को आप खाते हैं, उसे उगाने वाला दुनिया का सबसे बड़ा देश कौन है? वह मुल्क भारत है, जहां पर सालभर में करीब 18 लाख टन कटहल उगाया जाता है.  भारत में भी एक ऐसा राज्य है, जो अकेले ही पूरे देश के कुल कटहल उत्पादन का आधा उगा लेता है. उसे दुनिया की ‘कटहल कैपिटल भी कहा जाता है. आज हम उस दिलचस्प राज्य के बारे में बताने जा रहे हैं. आइए आपको बताते हैं कि दुनिया में कटहल की राजधानी किस राज्य को कहा जाता है.

दुनिया का ‘कटहल कैपिटल’ कहलाता है ये राज्य

 

भारत में सबसे ज्यादा कटहल केरल में उगाया जाता है. देश भर में करीब 18 लाख टन कटहल सालाना उगता है. इसमें 45 प्रतिशत हिस्सा अकेले केरल का होता है. केरल में ज्यादा उत्पादन की वजह से वहां की गर्म-आर्द्र जलवायु, साल भर होने वाली बारिश और उपजाऊ मिट्टी का होना है. यह कम रखरखाव वाली फसल है, जिसे अब केरल ने अपना राज्य फल भी घोषित कर दिया है. कटहल उगाने वाले बाकी राज्यों में ओडिशा, असम, तमिलनाडु और महाराष्ट्र शामिल हैं.

 

कई तरीकों से यूज किया जाता है कटहल

कटहल बहुपयोगी फल माना जाता है. कच्चे कटहल को सब्जी के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. उससे करी, चिप्स, पुलाव आदि बनाए जाते हैं. वहीं पका हुआ कटहल मीठे फल के रूप में खाया जाता है. उसके बीजों को उबालकर या भूनकर स्नैक्स बनाए जाते हैं. उसके कटहल चिप्स, पापड़, पिकल्स, जेली, आइसक्रीम, पाउडर और आटा की भी खूब मांग होती है. शाकाहारी लोग कटहल की सब्जी को मांस के विकल्प के रूप में खाते हैं. उसके पेड़ की लकड़ी को फर्नीचर, पत्तियों को चारे और लेटेक्स को औषधियों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है.

 

सेहत के लिहाज से भी होता है फायदेमंद

 

कटहल में केवल स्वाद ही नहीं होता, वह पोषण से भी भरपूर माना जाता है. एक कप (165 ग्राम) कटे हुए कटहल में लगभग 157 कैलोरी, 38.3 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 2.5 ग्राम फाइबर, 2.8 ग्राम प्रोटीन और 1.1 ग्राम वसा पाई जाती है. वह विटामिन C का अच्छा स्रोत माना जाता है. उसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम, कॉपर और विटामिन B6 भी काफी मिलता है. कच्चा कटहल फाइबर युक्त होता है, जबकि पके फल में नेचुरल शुगर होती है. उसके बीज में प्रोटीन, स्टार्च और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं.

 

केरल में अब उद्योग बन चुका है कटहल उत्पादन

 

केरल में कटहल के पेड़ उगाना अब एक उद्योग का रूप ले चुका है. वहां पर प्रति 10 किलो कटहल से 600 रुपये तक के उत्पाद बनाए जा सकते हैं. केरल केवल भारत के दूसरे हिस्सों में ही नहीं, बल्कि दूसरे मुल्कों को भी कटहल बेच रहा है. वर्ष 2023-24 में भारत ने 26.66 मिलियन किलो कटहल निर्यात किया, जिसमें केरल का योगदान सबसे ज्यादा था. कटहल उगाने में सबसे बड़ा फायदा ये है कि यह कम पानी और बहुत कम रसायन इस्तेमाल करके भी आसानी से उगाई जा सकती है. यही वजह है कि केरल में हरेक व्यक्ति आसानी से इसकी फसल उगा लेता है.

Manoj Mishra

Editor in Chief

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