रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के प्रयासों से चिरमिरी की तस्वीर बदल रही है। आजादी के 75 साल बाद शहर के सभी वार्डों में सरकारी बिजली पहुंचने का रास्ता साफ हुआ है। दो साल पहले मुख्यमंत्री साय ने मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर जिले के प्रवास के दौरान इसकी घोषणा की थी जो अब साकार हो रही है।

कल्पना कीजिए — देश आज़ाद हुआ, दशक बदले, सरकारें बदलीं, लेकिन चिरमिरी के एस.ई.सी.एल. क्षेत्र के आस पास के हज़ारों परिवार आज तक एक बुनियादी सुविधा से महरूम रहे — वो सुविधा जिसे हम सब बहुत जरूरी मानते हैं…अपनी खुद की सरकारी बिजली। चिरमिरी के एसईसीएल. क्षेत्र में रहने वाले लोग पीढ़ियों से कोयले की खदानों के बीच रहते आए, लेकिन छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) की सरकारी बिजली उनके घरों तक कभी नहीं पहुंची। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग यही सोचते रहे कि उन्हें शायद कोयला खदान की उस बिजली के भरोसे ही रहना होगा जो आती कम और जाती ज्यादा है।
09 दिसंबर 2024 को सीएम साय ने की थी घोषणा
09 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जिला मनेन्द्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर के प्रवास के दौरान नगर निगम चिरमिरी में CSPDCL से बिजली आपूर्ति की घोषणा की थी। यह महज एक राजनीतिक घोषणा नहीं थी, यह उन लाखों आंखों की उम्मीद थी जो दशकों से टकटकी लगाए बैठी थीं। 8 मई 2026 को जारी आदेश के अनुसार राज्य शासन की मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत 30 मार्च 2026 को ₹53.08 करोड़ की राशि चिरमिरी नगर निगम को आवंटित की गई। पुराने बजट की शेष ₹0.49 करोड़ की राशि मिलाकर कुल ₹53.57 करोड़ से अधोसंरचना विकास कार्य अब वर्ष 2026-27 में प्रारंभ होगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
क्षेत्र के स्थानीय विधायक और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा “यह सिर्फ सरकारी बिजली नहीं है, यह चिरमिरी के लोगों को उनका हक मिलना है। आज़ादी के बाद से जो सपना अधूरा था, मुख्यमंत्री जी की दूरदृष्टि और संवेदनशीलता से वो पूरा हो रहा है। मैं क्षेत्र की जनता की ओर से उनका अभिनंदन करता हूं।”
अब बदलेगी ज़िंदगी, एक ऐतिहासिक क्षण
₹53.08 करोड़ की इस परियोजना से चिरमिरी के एस.ई.सी.एल. क्षेत्र के सभी वार्डो में CSPDCL का पूर्ण विद्युत अधोसंरचना नेटवर्क बिछाया जाएगा। जिस धरती ने देश को कोयले से रोशन किया, आज उसी धरती के लोगों को बिजली का उजाला मिलने जा रहा है। चिरमिरी के डोमनहिल, गेल्हापानी, कोरिया कॉलरी व पोड़ी जैसे दूरस्थ क्षेत्र जहां सरकारी बिजली एक सपने जैसा था, वो क्षेत्र भी अब सरकारी बिजली से रोशन होने वाले है । यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय है। चिरमिरी की आंखों में आज जो चमक है वो किसी बल्ब की नहीं, उनकी उम्मीद पूरी होने की रोशनी है।
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