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: न केरल, न तमिलनाडु, देश को सबसे ज्यादा नारियल देने वाला राज्य कौन सा? वियतनाम तक डिमांड

भारत में नारियल का इस्तेमाल बड़े स्तर पर किया गया है. गर्मियां आते ही इसकी मांग बढ़ जाती है, लेकिन सवाल उठता है कि भारत में नारियल की सबसे ज्यादा पैदावार कहां होती है? ज्यादातर लोगों का मानना है कि नारियल की सबसे ज्यादा पैदावार केरल या तमिलनाडु में होती है, लेकिन कोकोनट डेवलपमेंट बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा नारियल देने वाले राज्य में एक दूसरा नाम शामिल है.बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में देश में सबसे ज्यादा नारियल की पैदावार कर्नाटक में हो रही है. यही राज्य पहले पायदान पर है. जानिए, नारियल की पैदावार में कौन-कितना आगे और क्यों.

नारियल का गढ़

भारत में यूं तो दक्षिण के राज्यों को नारियल का गढ़ कहा जाता है, लेकिन जब बात सबसे ज्यादा पैदावार की आती है तो कर्नाटक सबसे ऊपर आता है. कृषि मंत्रालय के तहत काम करने वाले कोकोनट डेवलपमेंट बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023-24 में कर्नाटक ने 615 करोड़ (6,151 मिलियन) नारियल की पैदावार का रिकॉर्ड बनाया.

भारत में जितना भी नारियल पैदा होता है उसमें 28.7 फीसदी हिस्सेदारी कर्नाटक की है. कर्नाटक के तुमकुरु, हस, चिकमगलूर और मांड्या वो जिले हैं जो सबसे ज्यादा नारियल देने के लिए जाने जाते हैं. इन क्षेत्रों को उष्णकटिबंधीय जलवायु, पर्याप्त बारिश और धूप का सबसे अधिक फायदा मिलता है, जो नारियल के पेड़ों के लिए सबसे जरूरी है.

कर्नाटक के तुमकुरु, हस, चिकमगलूर और मांड्या में सबसे ज्यादा नारियल पैदा होता है.

रिपोर्ट के मुताबिक, 609 करोड़ नारियल की पैदावार करने वाला तमिलनाडु दूसरे पायदान पर रहा. इसके अलावा केरल (552 करोड़) तीसरे नम्बर पर, आंध्र प्रदेश (170 करोड़) चौथे और पश्चिम बंगाल (42 करोड़) पांचवे नम्बर पर है.

नारियल की पैदावार में भारत का रुतबा

दुनियाभर में भारत नारियल का सबसे बड़ा उत्पादक है.दुनियाभर में जितना भी नारियल का उत्पादन का होता है उसका 30.37% उत्पादन अकेले भारत करता है. भारत में लगभग 2,165.20 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नारियल की खेती की जाती है. हर साल करीब 21,373 मिलियन नारियल की पैदावार होती है. करीब 1 करोड़ किसान नारियल की खेती से जुड़े हुए हैं.

भारत में हर साल करीब 21,373 मिलियन नारियल की पैदावार होती है.

कितने देश भारत से खरीदते हैं नारियल?

कोकोनट सेलर इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, वियतनाम, संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश वो टॉप देश हैं जो भारत से सबसे ज्यादा नारियल खरीदते हैं. इसके अलावा मलेशिया, अमेरिका, यूरोपीय देश जैसे जर्मनी-नीदरलैंड, मिडिल ईस्ट के सऊदी अरब समेत कई देश भारत से नारियल को आयात करते हैं.

भारत कैसे बना नारियल का गढ़?

भारत नारियल का गढ़ इसलिए बना क्योंकि यहां भौगोलिक स्थिति और जलवायु इसके लिए अनुकूल है. देश की लंबी समुद्री तटरेखा, खासकर केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे तटीय राज्यों में, नारियल के पेड़ों के लिए आदर्श माहौल बनाती है. इन क्षेत्रों में गर्म और नम जलवायु सालभर बनी रहती है, जो नारियल की खेती के लिए बेहद जरूरी है.

मानसून के कारण पर्याप्त वर्षा होती है, जिससे पेड़ों को जरूरी पानी मिल जाता है. तटीय इलाकों की रेतीली और जलनिकासी वाली मिट्टी भी नारियल की पैदावार को बेहतर बनाने में मदद करती है. यही वजह है कि भारत के किसानों ने इसकी खेती को प्राथमिकता दी और देश इसका गढ़ बना.

 

Manoj Mishra

Editor in Chief

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