छत्तीसगढ़

वनांचल क्षेत्र रेंगाखार में निःशुल्क सोनोग्राफी शिविर, 82 गर्भवती महिलाओं सहित 104 ग्रामीणों को मिला लाभ

वनांचल क्षेत्र रेंगाखार में निःशुल्क सोनोग्राफी शिविर, 82 गर्भवती महिलाओं सहित 104 ग्रामीणों को मिला लाभ

कवर्धा, जुलाई 2026। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेंगाखार में दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निःशुल्क सोनोग्राफी शिविर एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच सुनिश्चित करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
शिविर में 82 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी की गई। जांच के दौरान संभावित हाई-रिस्क गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। साथ ही गर्भवती महिलाओं को संतुलित पोषण, एनीमिया की रोकथाम, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इसके अलावा शिविर में 104 ग्रामीणों की सामान्य स्वास्थ्य जांच (ओपीडी) की गई। सभी मरीजों को आवश्यक दवाइयाँ, चिकित्सकीय परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं।
इस शिविर का लाभ रेंगाखार एवं चिल्फी क्षेत्र के वनांचल ग्रामों के लोगों को मिला। रेंगाखार सेक्टर के खारा, रेंगाखार, समनापुर, बहमनी, लोहारडीह, बांदाटोला एवं निवासपुर तथा चिल्फी सेक्टर के शीतलपानी सहित आसपास के गांवों की गर्भवती महिलाओं एवं ग्रामीणों ने शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ नियमित स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुँच चुनौतीपूर्ण रहती है, इसलिए इस प्रकार के शिविर ग्रामीणों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र तूरे ने कहा कि वनांचल क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए ऐसे शिविर नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि प्रत्येक गर्भवती महिला की समय पर जांच और आवश्यक उपचार सुनिश्चित किया जा सके।
बीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम राजपूत ने बताया कि सोनोग्राफी के माध्यम से हाई-रिस्क गर्भावस्था की समय रहते पहचान संभव होती है। इससे गर्भस्थ शिशु के विकास की निगरानी, गर्भावस्था एवं संभावित प्रसव तिथि की पुष्टि, प्लेसेंटा की स्थिति, अम्नियोटिक द्रव की जांच, जन्मजात विकृतियों एवं अन्य जटिलताओं का समय पर पता लगाया जा सकता है, जिससे सुरक्षित मातृत्व और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने में सहायता मिलती है।
उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उनके नजदीक उपलब्ध हों। उन्होंने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि हर जरूरतमंद तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच सकें। शिविर से लाभान्वित ग्रामीणों ने शासन एवं स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे वनांचल क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी पहल बताया।

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button