छत्तीसगढ़

फसल क्षति होने पर किसान तत्काल दें सूचना*

*फसल क्षति होने पर किसान तत्काल दें सूचना*

*कृषि रक्षक पोर्टल और हेल्पलाइन 14447 से मिलेगा त्वरित लाभ*

*प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर निर्धारित समय-सीमा में करें सूचना दर्ज*

कवर्धा,  जुलाई 2026। प्राकृतिक आपदा से फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को शीघ्र राहत दिलाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 14447 की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उप संचालक कृषि, जिला कबीरधाम ने किसानों से अपील की है कि फसल क्षति होने पर निर्धारित समय-सीमा के भीतर पोर्टल या हेल्पलाइन के माध्यम से तत्काल सूचना दर्ज कराएं।
उन्होंने बताया कि अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, जलभराव, आकाशीय बिजली अथवा अन्य बीमा योग्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल प्रभावित होने पर किसान हेल्पलाइन 14447 पर कॉल कर या कृषि रक्षक पोर्टल के माध्यम से अपनी फसल क्षति की जानकारी दर्ज करा सकते हैं। समय पर सूचना देने से दावा प्रक्रिया में तेजी आएगी और पात्र किसानों को शीघ्र राहत मिल सकेगी।
उप संचालक कृषि ने बताया कि यदि किसी किसान को फसल बीमा आवेदन, पॉलिसी, दावा, पोर्टल अथवा अन्य तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वह हेल्पलाइन 14447 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकता है। प्रत्येक शिकायत के लिए एक यूनिक ग्रिवांस टिकट नंबर जारी किया जाएगा, जिससे शिकायत की प्रगति पर नजर रखी जा सकेगी और उसका त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फसल क्षति की सूचना प्राप्त होने के बाद कृषि विभाग, राजस्व विभाग और बीमा कंपनी द्वारा संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया जाएगा। सत्यापन के बाद पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रावधानों के अनुसार दावा राशि का भुगतान किया जाएगा।
उप संचालक कृषि ने जिले के सभी किसानों से आग्रह किया है कि प्राकृतिक आपदा से फसल प्रभावित होने की स्थिति में बिना विलंब कृषि रक्षक पोर्टल या हेल्पलाइन 14447 का उपयोग कर फसल क्षति की सूचना दर्ज कराएं तथा आवश्यकता पड़ने पर ग्रिवांस टिकट बनाकर अपनी समस्या का समय पर समाधान प्राप्त करें। इससे बीमा दावा प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और तेज होगी तथा किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

Manoj Mishra

Editor in Chief

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button