कहते हैं मुश्किल वक्त इंसान की असली ताकत दिखाता है. बुरहानपुर के महाजनापेठ इलाके में रहने वाले महेश जैन और उनकी पत्नी ने इस बात को सच करके दिखा दिया. जब महेश की नौकरी अचानक चली गई तो घर की हालत मुश्किल हो गई. उस समय उनकी पत्नी ने हिम्मत दिखाई और अपनी गुल्लक में जमा किए हुए पैसे निकालकर पति को दिए.
उस गुल्लक में करीब 15 हजार रुपए थे. बस यहीं से दोनों की नई जिंदगी की शुरुआत हुई. आज वही छोटा सा काम बढ़कर ऐसा बन गया है कि पति-पत्नी मिलकर हर साल लाखों रुपए कमा रहे हैं.गुल्लक के पैसों से शुरू हुआ छोटा सा कारोबार
महेश जैन बताते हैं कि पहले वे दूसरों के यहां काम करते थे. जब काम छूट गया तो समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें. तभी उनकी पत्नी ने अपनी गुल्लक फोड़ दी. उसमें जमा 15 हजार रुपए निकालकर उन्होंने कहा कि इससे कोई छोटा काम शुरू कर लो.
महेश उन पैसों से कटलरी का सामान, रुमाल, गमछे, टोपी और चश्मे खरीदकर लाए. इसके लिए वे इंदौर, जलगांव और मुंबई जैसे शहरों से सामान लेकर आए और फुटपाथ पर दुकान लगाना शुरू कर दिया.
शुरुआत में आईं कई मुश्किलें
महेश बताते हैं कि शुरुआत का समय बिल्कुल आसान नहीं था. कई बार पूरा दिन बैठने के बाद भी बिक्री बहुत कम होती थी. लेकिन उन्होंने और उनकी पत्नी ने हार नहीं मानी. धीरे-धीरे लोगों को उनके सामान की अच्छी क्वालिटी और कम कीमत पसंद आने लगी. इसके बाद ग्राहक बढ़ते चले गए. आज हालत यह है कि सुबह से शाम तक उनकी दुकान पर खरीदार आते रहते हैं.
पुराने जिला अस्पताल के पास लगती है दुकान
महेश पिछले 10 सालों से पुराने जिला अस्पताल के पास फुटपाथ पर दुकान लगा रहे हैं. उनकी दुकान सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक लगती है. यहां उन्हें हर दिन अच्छे ग्राहक मिल जाते हैं. उनकी दुकान पर 30 रुपए से लेकर 300 रुपए तक का सामान मिलता है, इसलिए हर वर्ग के लोग यहां खरीदारी करने पहुंचते हैं.
आज हर साल लाखों की कमाई
महेश जैन बताते हैं कि लगातार मेहनत और ईमानदारी से काम करने का ही नतीजा है कि आज उनका काम अच्छा चल रहा है. आज उनके इस छोटे से फुटपाथ व्यवसाय से हर साल करीब 2 से 3 लाख रुपए की कमाई हो जाती है. महेश कहते हैं कि अगर उस दिन उनकी पत्नी हिम्मत न देती और गुल्लक के पैसे न देती तो शायद आज उनका अपना कारोबार नहीं होता.





