दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घरेलू पर्यटन की ताकत और भारतीय पर्यटकों की बदलती जीवनशैली पर बड़ी बात कही है। द्वारका स्थित यशोभूमि में आयोजित पर्यटन प्रदर्शनी साउथ एशिया ट्रैवल एंड टूरिज्म एक्सेंज में पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय पर्यटक अब विदेशी सैलानियों की तुलना में कहीं अधिक खर्च कर रहे हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को केवल सर्दियों का गंतव्य मानने की पुरानी धारणा को बदलते हुए इसे साल के 365 दिन पर्यटन का केंद्र बनाने का नया विजन पेश किया।
विदेशी नहीं, भारतीय पर्यटकों पर भरोसा
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अक्सर हम विदेशी पर्यटकों के आंकड़ों पर बहुत अधिक ध्यान देते हैं, लेकिन धरातल पर असलियत यह है कि आज का भारतीय पर्यटक अपनी यात्राओं पर विदेशी मेहमानों से कहीं ज्यादा दिल खोलकर खर्च कर रहा है। वे न केवल बेहतरीन होटलों में रुकते हैं, बल्कि स्थानीय हस्तशिल्प, केसर, मेवे और कश्मीरी खान-पान पर भी जमकर निवेश करते हैं। जम्मू कश्मीर की आर्थिकी के लिए अब हमारे अपने देश के लोग ही सबसे बड़ी मजबूती बनकर उभरे हैं।
बर्फबारी का इंतजार नहीं, हर मौसम खास
आमतौर पर जम्मू-कश्मीर को केवल बर्फबारी और विंटर वंडरलैंड के रूप में देखा जाता है, लेकिन उमर अब्दुल्ला ने इस सोच को विस्तार देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग केवल बर्फ देखने के लिए दिसंबर या जनवरी का इंतजार न करें। जम्मू-कश्मीर के पास हर मौसम के लिए कुछ खास है। चाहे वह गर्मियों की हरियाली और ठंडी हवाएं हों, पतझड़ के सुनहरे चिनार हों या फिर बसंत के खिलते हुए ट्यूलिप गार्डन। हमारा लक्ष्य घाटी को साल के 365 दिन सैलानियों से गुलजार देखना है।





