भारतीय पटरियों पर रफ्तार की ‘पोस्टर बॉय’ कही जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को अब तक का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला चैलेंज मिल गया है. मेट्रोमैन ई. श्रीधरन ने केरल हाई-स्पीड रेल (KHSR) का जो नया ब्लूप्रिंट पेश किया है वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसा रोमांचक है. जिस सफर को तय करने में वंदे भारत लगभग 7 घंटे लेती है, उसे यह नई ट्रेन मात्र 200 मिनट यानी 3 घंटे 20 मिनट में पूरा कर देगी. लेकिन असली ‘धमाका’ किराए के मोर्चे पर है. जहां वंदे भारत की चेयर कार का टिकट ₹1,280 से शुरू होता है, वहीं इस हाई-स्पीड ट्रेन का किराया लगभग 40% कम यानी महज ₹780 प्रस्तावित है. यानी वंदे भारत के मुकाबले केवल 60 प्रतिशत किराए का भुगतान कर आधे समय में सफर संभव होगा.मेट्रोमैन ई. श्रीधरन ने केरल के उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाले एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (KHSR) का विस्तृत और संशोधित प्रस्ताव पेश किया है. इस महत्वाकांक्षी योजना के अनुसार, तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से कन्नूर के बीच की 465 किलोमीटर की दूरी मात्र 3 घंटे 20 मिनट (200 मिनट) में तय की जा सकेगी. वर्तमान में वंदे भारत एक्सप्रेस को इसी दूरी को तय करने में लगभग 6 घंटे 48 मिनट का समय लगता है.किफायती और अत्याधुनिक सफर
इस परियोजना की सबसे चौंकाने वाली बात इसका किराया है. श्रीधरन के प्रस्ताव के अनुसार, तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक का शुरुआती किराया मात्र ₹780 होगा. यह वंदे भारत एक्सप्रेस के मौजूदा एसी चेयर कार (₹1,280) और एग्जीक्यूटिव क्लास (₹2,435) के किराये से काफी कम है. ट्रेन में केवल ‘प्रीमियम क्लास’ के डिब्बे होंगे, जिनमें हर तरफ तीन चौड़े दरवाजे होंगे ताकि व्हीलचेयर और बेबी प्रैम के साथ यात्री आसानी से आवाजाही कर सकें.स्टेशन और परिचालन क्षमता
प्रस्तावित कॉरिडोर पर कुल 20 स्टेशन होंगे जो औसतन 20-30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होंगे. यह ट्रेन राज्य के सभी तीन प्रमुख हवाई अड्डों को कनेक्टिविटी प्रदान करेगी.
गति: ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 200 किमी/घंटा होगी, जबकि परिचालन गति 180 किमी/घंटा रहेगी.
· क्षमता: शुरुआत में 8 कोच वाली ट्रेन चलेगी जिसमें 560 यात्री बैठ सकेंगे, जिसे बाद में 12 कोच तक बढ़ाया जा सकेगा.
· फ्रीक्वेंसी: पीक आवर्स के दौरान हर 30 मिनट और नॉन-पीक आवर्स में हर एक घंटे पर ट्रेनें उपलब्ध होंगी. भविष्य में इसे हर 5 मिनट के अंतराल तक घटाया जा सकता है, जिससे प्रतिदिन 5 लाख से अधिक यात्री सफर कर सकेंगे.
लागत और समय सीमा
श्रीधरन के अनुमान के अनुसार, इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत लगभग ₹54,000 करोड़ आएगी. 5 साल की निर्माण समय सीमा और मुद्रास्फीति को जोड़कर यह बजट ₹56,500 करोड़ तक पहुँच सकता है. छोटी यात्रा होने के कारण ट्रेन के भीतर केटरिंग की सुविधा नहीं होगी.





