दर्रामुड़ा और गढ़उमरिया के बीच निर्माणाधीन सड़क जमीन विवाद के चलते अटक गई है। करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बन रही इस सड़क का काम फिलहाल बंद है। विवाद का कारण सड़क की निर्धारित चौड़ाई 36 फीट और संबंधित भूमि पर कंपनी की बाउंड्रीवाल को बताया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार जिस जमीन को लेकर विवाद है, उसका खसरा नंबर-196 और रकबा-0.037 हेक्टेयर है। आरोप है कि इसी हिस्से पर आरआर एनर्जी पावर प्लांट की ओर से बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई है। इससे सड़क निर्धारित चौड़ीकरण संभव नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह पुरानी सड़क है और सालों से आवागमन का मुख्य मार्ग है। अब निर्माण और चौड़ीकरण शुरू होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है, जिससे काम रुक गया है और लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। यह मामला राजस्व रिकॉर्ड और सीमांकन से जुड़ा है। प्रशासनिक स्तर पर जमीन के स्वामित्व और सीमांकन की जांच की जा रही है। जब तक विवाद का समाधान नहीं होगा, तब तक निर्माण आगे बढ़ पाना मुश्किल है।
आजादी से पहले की है सड़क: ग्रामीणों के मुताबिक यह सड़क आजादी से पहले की है। यह कभी दर्रामुड़ा व गढ़उमरिया को जोड़ने वाला एकमात्र प्रमुख मार्ग था। सालों तक दोनों गांवों के लोग इसी रास्ते से आना-जाना करते रहे। खेती-किसानी, बाजार और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए यही मुख्य संपर्क मार्ग माना जाता था। नेशनल हाईवे बनने के बाद इस सड़क की उपयोगिता धीरे-धीरे कम हो गई और यातायात का दबाव घट गया। इसके बावजूद यह सड़क स्थानीय लोगों के लिए आज भी व्यावहारिक महत्व रखता है। स्थल निरीक्षण और राजस्व अभिलेखों की पड़ताल से स्पष्ट हुआ है कि प्रस्तावित चौड़ीकरण पूरा होने पर दर्रामुड़ा-गढ़उमरिया सड़क की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। 36 फीट चौड़ी सड़क बनने से ग्रामीण अंचल का सीधा संपर्क मुख्य मार्गों से मजबूत होगा और आपातकालीन सेवा, स्कूल व बाजार तक पहुंच आसान होगी। वर्तमान में विवादित हिस्से का सीमांकन और खसरा रिकॉर्ड मिलान जारी है। राजस्व अधिकारियों के अनुसार नक्शा, बी-1 और मौके की नाप-जोख के आधार पर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। विवाद के समाधान और स्पष्ट सीमारेखा तय होने के बाद ही निर्माण दोबारा शुरू किया जाएगा।
भूमि विवाद सुलझते ही शुरू होगा निर्माण ^दर्रामुड़ा-गढ़उमरिया सड़क के एक सीमित हिस्से में भूमि संबंधी विवाद है, जिसके कारण काम अस्थायी रूप से रोका गया है। राजस्व विभाग से स्पष्ट रिपोर्ट प्राप्त होते ही कार्रवाई की जाएगी और निर्माण शुरू कराया जाएगा। – पंकज राठौर, ईई, पीएमजीएसवाई





