युवा उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए 20 फरवरी को बैंकों की मदद से ऋण वितरण शिविर लगाया जाएगा। लघु, सूक्ष्म व मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की योजनाओं के तहत युवाओं को बैंक लोन देने के लिए उनकी समस्याओं का समाधान कराएंगे। खासकर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में भागीदारी बढ़ाने के प्रयास होंगे।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों उच्च स्तरीय बैठक में सभी बैंकों को ऋण वितरण शिविर का आयोजन करने तथा मार्च तक प्रदेश का सीडी रेशियो 62 प्रतिशत तक पहुंचाने का निर्देश दिया था। शासन ने 20 फरवरी को शिविर में कृषि व एमएमएमई क्षेत्र से जुड़ी केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं में ऋण वितरण किए जाने के साथ ही लाभार्थियों द्वारा बनाए गए उत्पादों के स्टाल लगवाने का निर्देश दिया है।
दिक्कतों का समाधान भी होगा
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना, एक जिला एक उत्पाद, पीएम सूर्य घर योजना, पीएम विश्वकर्मा, पीएम मुद्रा व ऐसी अन्य योजनाओं के तहत ऋण वितरित किए जाएंगे। लोन पास होने में आने वाली व्याहवारिक दिक्कतों का समाधान भी किया जाएगा। शिविर में हर जिले में बैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। साइबर सुरक्षा, डिजिटल ऋण व अन्य थीम का प्रदर्शन भी होगा। शिविर के आयोजन को लेकर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सभी बैंकों को विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने युवा उद्यमियों के लिए संचालित योजनाओं के लिए बजट का पिटारा भी खोला है। खासकर सूक्ष्म उद्यमों के लिए युवाओं को पांच लाख रुपये तक शून्य ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराने के लिए युवा उद्यमी योजना के लिए एक हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
युवा उद्यमी को 10 हजार ऋण वितरण का लक्ष्य
सीएम युवा उद्यमी योजना के नोडल अधिकारी सर्वेश्वर शुक्ला का कहना है कि शिविर में युवा उद्यमियों को ऋण वितरित कराने में खास फोकस रहेगा। शिविर में सीएम युवा उद्यमी के तहत 10 हजार लाभार्थियों को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष में एक लाख से अधिक आवेदकों को लोन उपलब्ध कराया जा चुका है।
सीएम युवा उद्यमी योजना का लक्ष्य अधूरा, 1335 को ही मिला लाभ
मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से प्रदेश के विकास का पंख लगाने की योजना पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ पा रही है। लक्ष्य को पूरा करने में विभागीय अधिकारियों सहित पात्रों के पसीने छूट रहे हैं। ऋण लेकर कारोबार शुरू करने की सोज साथ आवेदन करने पहुंच रहे युवाओं को बैंक 100 प्रतिशत स्वीकृति नहीं दे रहे हैं, यहीं कारण है कि जिले में 4300 युवाओं का पंजीकरण होने के बाद मात्र 1335 युवाओं को भी ऋण का लाभ मिल पाया है, जबकि लक्ष्य अभी आधा-अधूरा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना युवाओं को लक्ष्य को पूर्ण करने, प्रदेश की प्रगति बढ़ाने के लिए शुरू की गई थी।





