पटनाः बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा कर अपने छोटे भाई की बड़ी उपलब्धि पर खुशी जाहिर की है. मंत्री ने बताया कि उनके छोटे भाई शिशुपाल रॉय को भारतीय रेलवे के अधीन आने वाली नवरत्न कंपनी कॉनकोर (CONCOR) में जनरल मैनेजर (GM) के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है. भाई की इस सफलता ने मंत्री को उनके पुराने संघर्ष के दिनों की याद दिला दी. जिस पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी है. आइए जानते हैं इस अनसुने किस्से को.पिता के समान निभाया बड़े भाई का धर्म
रामकृपाल यादव ने अपनी पोस्ट में उन कठिन दिनों का जिक्र किया, जब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा था. उन्होंने लिखा कि जब शिशुपाल मात्र 1.5 साल का था, तब पिताजी का साया सिर से उठ गया. जब वह 9 साल का हुआ, तब तक मां भी हमें छोड़कर चली गईं. माता-पिता के असमय निधन के बाद कम उम्र में ही रामकृपाल यादव के कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी आ गई थी. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उस दौर में शिशुपाल के लिए उनकी भूमिका एक बड़े भाई की नहीं, बल्कि माता-पिता जैसी हो गई थी. उन्होंने लिखा कि तब से लेकर आज तक मैंने उसे अपना बड़ा बेटा ही समझा है. आज उसकी इस उपलब्धि पर मुझे वैसा ही गर्व महसूस हो रहा है, जैसा एक पिता को अपने पुत्र की सफलता पर होता है.नवरत्न कंपनी में मिली बड़ी जिम्मेदारी
उन्होंने लिखा कि शिशुपाल रॉय की नियुक्ति भारतीय कंटेनर शिपिंग क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव, कड़ी मेहनत और महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए की गई है. कॉनकोर (Container Corporation of India Ltd) जैसी प्रतिष्ठित नवरत्न कंपनी में जीएम का पद मिलना उनके करियर की एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. रामकृपाल यादव ने विश्वास जताया कि उनका भाई अपनी क्षमता और ईमानदारी से आने वाले समय में नए कीर्तिमान स्थापित करेगा.
आज भी कायम है संयुक्त परिवार की मिसाल
आज के दौर में जहां परिवार बिखर रहे हैं, वहीं कृषि मंत्री ने गर्व से बताया कि उनका परिवार तब भी संयुक्त था और आज भी है. यह सफलता केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस पारिवारिक एकजुटता और संस्कारों की जीत है. जिसे रामकृपाल यादव ने कठिन परिस्थितियों में भी सहेज कर रखा. सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को हजारों लोगों ने पसंद किया है. उनके भाई को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं.
सोशल मीडिया पर लोगों ने सराहा मंत्री का संघर्ष
कृषि मंत्री रामकृपाल यादव की इस भावुक पोस्ट पर समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. उनके संघर्ष को सलाम किया है. फेसबुक यूजर शारदेन्दु कुमार ने मंत्री के संघर्ष को याद करते हुए लिखा कि रामकृपाल बाबू, मैं 1974 से आपके संघर्ष को देख रहा हूं. आज गौरव के साथ कह सकता हूं कि आप किसी की दया-माया से नहीं, बल्कि अपनी कड़ी मेहनत के दम पर इस मुकाम तक पहुंचे हैं. आपने परिवार के मुखिया की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है. शिशुपाल जी भाग्यशाली हैं कि उन्हें आप जैसा बड़ा भाई मिला. आपने समाज में एक आदर्श उदाहरण पेश किया है. शिशुपाल जी को जीएम पद की बहुत-बहुत बधाई.
दिनेश सिंह ने रामायण का संदर्भ देते हुए लिखा कि जा पर कृपा राम की होई, या तो लक्ष्मण होई या भरत होई और नहीं तो हनुमान होई. आप दोनों भाइयों का प्रेम और समर्पण अतुलनीय है. बहुत-बहुत बधाई.
ईश्वर चंद्र झा ने पारिवारिक मूल्यों की सराहना करते हुए लिखा कि चुनौतियों से डटकर मुकाबला करना और अपनी जिम्मेदारियों को सही दिशा देकर समाज में मुकाम हासिल करना ही आपकी पहचान है. आपके कर्तव्यों में सनातन परिवार का जो भाव दिखा है, वह समाज के लिए एक आदर्श स्थिति है. बहुत-बहुत शुभकामना.





